चमकी बुखार से प्रभावित मुजफ्फरपुर के पात्र परिवारों को मिलेगा आवास

पटना : बिहार सरकार ने पिछले वर्ष चमकी बुखार (एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम-एईएस) का कहर झेल चुके मुजफ्फरपुर जिले के पांच प्रखंडों के पात्र परिवारों को पक्का आवास देने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के पांच एईएस प्रभावित प्रखंडों बोचहा, कांटी, मीनापुर, मोतीपुर और मुशहरी के सभी सुयोज्ञ परिवारों को पक्का आवास का लाभ दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में मुजफ्फरपुर और उसके आस-पास के जिले में एईएस से करीब 150 बच्चों की मौत हो गयी थी। हालांकि काफी शोध एवं अनुसंधान के बाद भी इस बीमारी के कारण का पता नहीं चल पाया। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रभावित इलाकों में ‘सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण’ सर्वे का विश्लेषण कर इस गंभीर बीमारी से बचाव के उपाय ढूंढने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रभावित परिवारों के सामाजिक-आर्थिक अध्ययन के साथ-साथ साफ सफाई के लिहाज से उनके घरों के वातावरण का भी आकलन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेयजल कहीं गुणवत्ता प्रभावित तो नहीं है। इसकी भी निगरानी जरूरी है। सर्वे के दौरान यह पाया गया कि चमकी बुखार से पीड़ितों के परिवार एस्बेस्टस से बने घरों या झोपड़ियों में रहते थे। बिहार सरकार ने इसे देखते हुए मंगलवार को प्रभावित प्रखंडों के योग्य परिवारों को पक्का आवास का लाभ दिए जाने का फैसला लिया ताकि उनके आस-पास का वातावरण साफ रह सके तथा उन्हें शुद्ध पेयजल की भी प्राप्ति हो सके।

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