जम्मू-कश्मीर के पहले दौरे पर शाह, डोगरा फ्रंट ने कहा- अलगावादियों से न हो बातचीत

श्रीनगर : गृहमंत्री का दायित्व संभालने के बाद अमित शाह बुधवार को अपने पहले दौरे पर  जम्मू-कश्मीर जा रहे हैं। वहीं उनकी यात्रा को देखते हुए डोगरा फ्रंट ने मांग की है कि वे इस दौरान अलगाववादियों से बातचीत न करें। मालूम हो कि शाह अपने दो दिवसीय दौरे के बीच अमरनाथ यात्रा को लेकर की गई सुरक्षा व्यवस्‍था का जायजा भी लेंगे। साथ ही अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा भी करेंगे।

डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन

सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री अपनी यात्रा के दौरान अमरनाथ गुफा के दर्शन भी करेंगे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शाह के दौरे से पहले कहा था कि घाटी के अलगाववादी नेता शांति के लिए बातचीत को तैयार हैं। वहीं डोगरा फ्रंट ने अलगाववादियों से किसी भी तरह के बातचीत का विरोध किया है। डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं और अलगाववादियों से बातचीत न करने की अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन भी किया था। कार्यकर्ताओं ने केंद्र से सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक जैसे हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को जेल में भेजने का आग्रह भी किया है। डोगरा फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और वह ‘हुर्रियत से बात क्यों’ नारे लिखी तख्तियां भी हाथों में लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अलगाववादियों का पाकिस्तान के साथ संबंध जगजाहिर है और इस स्थिति में उनके साथ किसी तरह की कोई बातचीत नहीं की जानी चाहिए।
आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया
शाह के दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दौरे से पहले सोमवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया था। इस विधेयक के  माध्यम से साल 2004 के आरक्षण अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। विधेयक दोनों सदनों में यदि पास हो जाता है तो राज्य के अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग भी आरक्षण के हकदार हो जाएंगे।

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए 1 लाख जवान तैनात

मालूम हो कि आगामी 1 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है जो 15 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए राज्य में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए पूरे मार्ग की सुरक्षा के लिए 1 लाख से अधिक सुरक्षा बलों के जवानों की तैनाती की गई है। अलग-अलग शिफ्ट में सुरक्षा बलों के जवान 24 घंटे ‌मुस्तैद रहेंगे। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्री मुख्य रूप से अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं। इन मार्गों पर जवानों की विशेष नजर रहेगी।

गौरतलब है कि अमित शाह पहली बार देश के गृहमंत्री बने हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है तो जम्मू-कश्मीर में धारा-370 और 35ए को खत्म किया जाएगा।

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