एम्स का एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक, कोचिंग संचालक गिरफ्तार

पटनाः अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) का पेपर लीक होने का मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है। इस परीक्षा का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। जयपुर के महिर्षि अरविंद इंजीनियरिंग कॉलेज में एम्स के एमबीबीएस कोर्स के हुई एडमिशन टेस्ट के दौरान प्रश्नपत्र को वाट्सएप पर रिसीव करने वाले कोचिंग संचालक अरविंद नाथ तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जयपुर के भानकरोटा थाना के थानेदार व एसटीएफ की टीम ने कोचिंग संचालक को एसकेपुरी थाना इलाके के विवेकानंद पथ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अरविंद के पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है जिसपर प्रश्नपत्र वाट्सएप हुआ था। जयपुर के भानकरोटा थाना में अरविंद पर 28 मई को केस दर्ज हुआ था। अरविंद एसकेपुरी थाना के रामकृष्णा पथ में मकान सं. 25 में रहता है। वह पटना में बाजार समिति और बोरिंग रोड में बायोलॉजी का कोचिंग चलाता है। अरविंद एलेन कोटा और गोल का शिक्षक रह चुका है। जयपुर पुलिस उसे रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर ले जाएगी।
चप्पल में छुपा कर लाया था मोबाइल
पिछले माह जयपुर के महर्षि अरविंद इंजीनियरिंग कॉलेज में एम्स के एमबीबीएस कोर्स के दाखिला के लिए प्रवेश परीक्षा चल रही थी। इस सेंटर पर पटना एम्स के दो डॉक्टर अनिल व श्रीकांत भारती परीक्षा लेने गए थे। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे से दोनों डॉक्टर परीक्षार्थियों पर नजर रखे हुए थे। इसी बीच एक छात्र की तस्‍वीर कैमरे में कैद हो गई। वह चप्पल के सोल में मोबाइल छिपाकर रखे हुए था। चप्पल से उसने मोबाइल निकाला और फिर प्रश्नपत्र को अरविंद को वाट्सएप कर दिया। इतने में डॉ. अनिल और श्रीकांत भारती ने चप्पल की तलाशी ली तो मोबाइल बरामद हो गया। उस परीक्षार्थी के पास से ब्लू टूथ भी मिला था।
आरोपी ने ही अरविंद का नाम बताया
परीक्षा के दौरान गिरफ्तार छात्र ने ही अरविंद का नाम बताया था। जयपुर पुलिस और राजस्थान एसटीएफ अरविंद को तलाश करने लगी। सारी जानकारी मिलने के बाद जयपुर पुलिस ने आईजी ऑपरेशन कुंदन कृष्णन से संपर्क किया। आईजी ऑपरेशन ने एसटीएफ की टीम गठित की और जयपुर पुलिस को मदद करने को कहा। फिर दोनों पुलिस ने अरविंद को गिरफ्तार कर लिया। आईजी ऑपरेशन ने बताया कि अरविंद को जयपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

ऊपर