अगर आप भी प्याज खाने के शौकीन हैं, तो…

कोलकाताः अगर आप भी प्याज खाने के शौकीन हैं, तो जरा सावधान हो जाएं। क्योंकि प्याज से साल्मोनेला फैलने की हालिया घटना ने दुनियाभर में एक डर पैदा कर दिया है। खासतौर से अमेरिका में इन दिनों सेल्मोनेला का प्रकोप काफी बढ़ गया है। अमेरिका के 37 राज्यों में करीब 652 लोग बीमार पड़ चुके हैं और 129 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ गई है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी ) ने इसके लिए प्याज को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा है कि लाल, सफेद और पीले रंग की प्याज इस प्रकोप का कारण है। लोगों को हमारी सलाह है कि न तो ऐसी प्याज खरीदें और न ही खाएं। बेहतर होगा आप ऐसी प्याज फेंक दें, जिसमें स्टिकर या पैकेजिंग न हो।
साल्मोनेला एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो भोजन से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है। इस बैक्टीरिया से दूषित खाद्य पदार्थ खाने से आंतें बुरी तरह से प्रभावित होती हैं, जिससे पेट से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
बैक्टीरिया की वजह से होने वाली बीमारियों को साल्मोनेलोसिस कहा जाता है। इस तरह के बैक्टीरिया आमतौर पर जानवरों और मनुष्य की आंतों में पाए जाते हैं। सबसे बुरी बात ये है कि इस बैक्टीरिया को न तो सूंघा जा सकता है और न ही देखा जा सकता है, इसलिए इनकी उपस्थिति का पता लगाना बेहद मुश्किल है।
साल्मोनेला संक्रमण कैसे होता है

साल्मोनेला संक्रमण ज्यादातर कच्चा या अधपका मांस, मुर्गी पालन, अंडे या अंडे उत्पादों के सेवन के कारण होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे फल और सब्जियों में भी यह बैक्टरिया छिपा हो सकता है। इसलिए सब्जी खाते वक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
वॉशरूम का उपयोग करने या बेबी डायपर बदलने के बाद ठीक से हाथ न धाने से भी साल्मोनेला संक्रमण फैल सकता है।
अनपॉश्चुराइज्ड दूध और डेयरी प्रोडक्ट भी साल्मोनेला की वजह बन सकते हैं।
साल्मोनेला बीमारी के लक्षण आमतौर पर 6 घंटे से 6 दिन में दिखाई देने लगते हैं। यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। इस बीमारी से ग्रसित होने पर व्यक्ति को एक जैसी ही समस्या होती है। यह 5 साल के कम उम्र के छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के वयस्कों के लिए ज्यादा जोखिम भरा है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग भी इसकी चपेट में बहुत जल्दी आ जाते हैं।
इस बीमारी में कई लोगों को मतली, उल्टी, पेट में मरोड़, दस्त, बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द के अलावा मल में खून आने की भी शिकायत होती है। संक्रमण के लक्षण आमतौर पर 2 से 7 दिनों तक रहते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि साल्मोनेला बैक्टीरिया की अन्य किस्मों से टाइफाइड बुखार और अन्य घातक बीमारियां भी हो सकती हैं।​
क्या हो सकता है साल्मोनेला में
साल्मोनेला में व्यक्ति को जोड़ों में दर्द रह सकता है। हो सकता है यह कई महीने या उससे भी ज्यादा समय तक रहे। जिस वजह से सामान्य कामकाज करने में भी मुश्किल होगी । अगर बैक्टीरिया ब्लड स्ट्रीम में पहुंच गए, तो निश्चित तौर पर यह मास्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के ऊतकों, हार्ट, बोन, बोन मैरो और ब्लड वेसेल्स की लाइनिंग को नुकसान पहुंचाएंगे।​
कच्चा प्याज बैक्टीरिया के संपर्क में कैसे आया
आमतौर पर फसल की हैंडलिंग के दौरान खाद्य पदार्थ साल्मोनेला से दूषित होते हैं। उत्पादन काटने, धोने, पैकिंग और तैयार करने की प्रोसेस के दौरान बैक्टीरिया के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन रिसर्चर्स का मानना है कि या तो पौधे को दूषित खाद से फर्टिलाइज करने या फिर दूषित पानी से सींचने पर प्याज बैक्टीरिया से दूषित हो जाती है।
यदि आप साल्मोनेलोसिस के लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आपको इमरजेंसी में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जब तक आप बैक्टीरिया से पूरी तरह से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक किसिंग, टचिंग और सेक्सुअल एक्टिविटी से बचे रहें।
डॉक्टर से कब संपर्क करें
साल्मोनेला संक्रमित खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद ज्यादातर लोग पेट में दर्द का अनुभव करते हैं। इसके लक्षण बिना किसी उपचार के 4 से 7 दिनों के बाद अपने आप चले जाते हैं। लेकिन इसके बाद भी आप अच्छा फील नहीं कर रहे हैं और आपको 3 दिन से ज्यादा दस्त और 102 डिग्री फारेनहाइट बुखार बना हुआ है, बार-बार उल्टी हो रही है या फिर मुंह सूखने या मतली जैसा महसूस हो रहा है, तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। वह आपको एंटीबायोटिक लेने की सलाह देगा। दरअसल, इस बीमारी में डायरिया हो जाता है, जिससे शरीर में पानी की कमी होने लगती है।

 

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