राजस्थान सदन में नील गाय की समस्या तथा गोचर भूमि को खुर्दबुर्द करने का मामला उठा

जयपुर : राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रदेश में किसानों को नील गाय की समस्या तथा गोचर भूमि को खुर्दबुर्द करने का मामला उठा।
शून्यकाल में विधायक कल्पना ने स्थगन प्रस्ताव के तहत नील गाय से किसानों को समस्या का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि नील गाय किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके सड़क पर वाहनों के आगे आने से दुर्घटना के मामले भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल को प्राकृतिक नुकसान होने पर उसका मुआवजा दिया जाता है लेकिन नील गायों से किसानों की फसल को हुए नुकसान के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाता। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि नील गाय से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने पर मुआवजा दिया जाना चाहिए। शून्यकाल में ही विधायक नारायण बेनीवाल ने स्थगन प्रस्ताव के तहत नागौर के चेनाड़ में गोचर भूमि को खुर्दबुर्द करने का मामला उठाया। बेनीवाल ने कहा कि उपखण्ड अधिकारी ने चार बीघा गोचर भूमि को एक व्यक्ति को दे दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जब आवाज उठाई गई तो कहा गया कि ऊपर से दबाव है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस संबंध में उचित कार्रवाई कर गोचर भूमि को बचाया जाये। इसी तरह स्थगन प्रस्ताव के तहत ही विधायक रामप्रसाद ने शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी गरीब महिला की जमीन नगरपालिका ने ले ली। उन्होंने आदिवासी महिला ने जमीन बचाने के लिए पूरे प्रयास किये लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में ध्यान देकर पीड़ित को न्याय दिलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी तरह सांगवाड़ा में कई किसानों को पट्टे दिये गये लेकिन उन्हें बसाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।

जयपुर में जनता क्लिनिकों में 6000 लोग ओपीडी में चिकित्सा सुविधाओं से लाभान्वित हुए
जयपुर : राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि जयपुर शहर में स्थापित जनता क्लिनिकों में छह हजार से अधिक लोग ओपीडी में चिकित्सा सुविधाओं से लाभान्वित हुए हैं।
डॉ. रघु शर्मा ने प्रश्नकाल में विधायकों के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों की कच्ची बस्तियों में स्थापित की गयी जनता क्लिनिकों के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग चिकित्सा सुविधा से लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों की कच्ची बस्तियों और ढाणियों में जहां चिकित्सा सुविधाएं नहीं पहुंच पातीं उन क्षेत्रों में पिछले बजट में मुख्यमंत्री द्वारा जनता क्लिनिक खोलने की घोषणा की गयी थी। इन जनता क्लिनिकों से शहरी गरीब व्यक्तियों को व्यापक लाभ मिल रहा है। सभी पांचों जनता क्लिनिकों में 18 फरवरी तक 6832 लोग चिकित्सकीय सुविधाएं ले चुके हैं। जबकि इनमें से चार जनता क्लिनिक तो गत आठ और नौ फरवरी को खोली गईं हैं। उन्होंने कहा कि तीन जनता क्लिनिक जोधपुर में एवं 12 जनता क्लिनिक जयपुर में और तैयार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे शहरी क्षेत्रों में मांग आएगी जरूरत के अनुसार खोलते जाएंगे। इससे पहले चिकित्सा मंत्री ने विधायक हमीर सिंह भायल के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि गत 15 फरवरी तक जयपुर में पांच जनता क्लिनिक खोले गये हैं, जिन पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की सभी चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें 325 नि:शुल्क दवाएं तथा सात प्रकार की जांचों की सुविधा जनता को उपलब्ध कराई जा रही है।

मनोहरथाना में अतिवृष्टि से प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा
राजस्थान के आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि वर्ष 2019 में झालावाड़ जिले में मनोहर थाना विधानसभा क्षेत्र के किसानों की अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा शीघ्र ही दिया जायेगा।
भंवरलाल मेघवाल प्रश्नकाल में विधायकों के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। इससे पहले विधायक गोविंद प्रसाद के मूल प्रश्न के जवाब में मेघवाल ने बताया कि सरकार द्वारा विधानसभा क्षेत्र मनोहरथाना की तहसील मनोहरथाना, अकलेरा एवं असनावर में खरीफ फसल वर्ष 2019 में बाढ़ से फसलें खराब हुई हैं। उन्होंने बताया कि 54,433 कृषकों को एसडीआरएफ नॉर्म्स के अनुसार कृषि आदान अनुदान राशि वितरण करने के लिए 2015.73 लाख रुपये का बजट आवंटन कर दिया गया है। जिनमें से 54,184 कृषकों को राशि 2008.52 लाख का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष कृषकों के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मेघवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मनोहरथाना क्षेत्र में मौसम सत्र खरीफ 2019 में 6539 कृषकों की 5921.84 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का बीमा किया गया। बीमा क्लेम की गणना की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्यांश प्रीमियम राशि का भुगतान करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

किसानों की आत्महत्या एवं पीड़ित किसानों का पूरा कर्ज माफ करने का मामला उठा
जयपुर : राजस्थान विधानसभा में बुधवार को श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों में कर्ज के कारण किसानों की आत्महत्या करने एवं पीड़ित किसानों का पूरा कर्ज माफ करने का मामला उठा। विधायक बलवीर लूथरा ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के तहत यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर जिले में एक किसान पर दस लाख रुपये से अधिक का कर्ज था और हाल में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। इसी तरह एक युवा किसान ने भी गत 16 फरवरी को आत्महत्या कर ली। हनुमानगढ़ जिले में भी एक किसान की मौत हो गयी, जिस पर 12-13 लाख रुपये का कर्ज था। उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित क्षेत्र के उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया जाना चाहिए कि पीड़ित किसानों की जमीन कुर्क नहीं की जाये। उन्होंने पीड़ित किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी की।

आयुर्वेद विभाग में पदोन्नति एवं रिक्त मेडिकल अधिकारियों के पदों पर शीघ्र सीधी भर्ती
जयपुर : राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि आयुर्वेद विभाग में पदोन्नति एवं रिक्त मेडिकल अधिकारियों के पदों पर सीधी भर्ती शीघ्र की जायेगी।
डॉ. रघु शर्मा ने प्रश्नकाल में विधायकों के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि आयुर्वेद विभाग में 576 मेडिकल ऑफिसर्स के पदों को पदोन्नति से भरने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को लिखा जा चुका है। पदोन्नति के बाद रिक्त मेडिकल ऑफिसर्स के पदों के लिए जल्द प्रक्रिया प्रांरभ कर सीधी भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद विभाग में लंबे समय से डीपीसी नहीं हुई है। 2011 से पीएमओ और अतिरिक्त निदेशकों की डीपीसी नहीं हुई। आठ वर्षों की लंबित उपनिदेशक और सीनियर मेडिकल ऑफिसर प्रथम की डीपीसी हाल में पूरी की गयी है। अभी और डीपीसी की जायेगी, जिससे नीचे के पद वाले ऊपर चले जाएंगे और प्रारंभिक पद रिक्त पद होंगे, उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को कंपाउंडर के 397 पदों पर नियुक्ति दे दी गयी है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में एक पद डायरेक्टर का है। पीएमओ और अतिरिक्त निदेशक के 133 पद हैं। वे पूरे प्रमोशन नहीं होने के कारण रिक्त हैं। इन पदों पर कार्य व्यवस्था के लिए दूसरे लोग लगे हुए हैं। इसके अलावा एसएमओ 1 और डिप्टी डायरेक्टर के 500 पद हैं। उसके 1 आदमी कार्यरत है बाकी कार्य व्यवस्था में लगे हुए हैं। ये पद भी शीघ्र प्रमोशन के माध्यम से भरे जाएंगे। एसएमओ-2 के 1500 पद हैं उनमें 1061 कार्यरत हैं बाकी रिक्त हैं। एमओ 2304 पूरे कार्यरत हैं तथा उसमें 76 अतिरिक्त कार्मिक लगे हैं। इस तरह 2380 कार्मिक कार्यरत हैं। हालांकि इसके बाद कोई भर्ती नहीं निकली लेकिन 576 पदों के लिए अभ्यर्थना भेजी गयी है। इससे पहले चिकित्सा मंत्री ने विधायक किरण माहेश्वरी के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 3579 आयुर्वेद औषधालय संचालित हैं। उन्होंने जिलेवार सूची सदन की मेज पर रखी। उन्होंने बताया कि विभाग में कार्यरत चिकित्सकों तथा नर्स कम्पाउंडरों की संख्या एवं स्थानीय आवश्यकताओं के मद्देनजर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता एवं आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर रिक्त पदों की पूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि 33 योग एवं प्राकृतिक चिकित्साधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए अर्थना राजस्थान लोक सेवा आयोग को भिजवाई गई है।

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