किसी एक पद से इस्तीफा दे सकते हैं सचिन पायलट

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव मिली करारी हार को लेकर कांग्रेस शासित प्रदेशों में हाहाकार मचा हुआ है। पार्टी नेताओं के इस्तीफा देने का सिलसिला भी चल रहा है। इस बीच राजस्थान की सभी 25 सीटों पर पार्टी की हार के बाद सचिन पायलट के राज्य के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष में से किसी एक पद छोड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।

पायलट को सीएम नहीं बनाना हार की वजह

लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के लिए पिछले दिनों राजस्थान के चार मंत्रियों ने दिया था और उन्होंने गहलोत का नाम लिए बगैर कहा था कि हार की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुशील आसोपा ने मंगलवार को फेसबुक पर लिखा कि पायलट को सीएम नहीं बनाना प्रदेश में कांग्रेस की हार की वजह है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा अगर पायलट सीएम होते तो लोकसभा के परिणाम कुछ और होते। हनुमानगढ़ के कांग्रेस जिलाध्यक्ष के.सी. बिश्नोई ने भी गहलोत को हार की जिम्मेदारी लेने की सलाह दी है।

राहुल ने नहीं दिया मिलने का वक्त

देशभर में हुए आम चुनाव में हार का सामना करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इधर गांधी किसी नेता को मुलाकात के लिए वक्त नहीं दे रहे हैं। दिल्ली में राहुल ने राजस्‍थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मंगलवार तीसरे दिन भी मिलने के लिए समय नहीं दिया। उन्होंने सचिन पायलट से भी मुलाकात नहीं की। जिसके बाद बुधवार को दोनों नेता राज्य कार्यसमिति की बैठक में हिस्सा लेने जयपुर लौट गए हैं।

बता दें कि दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले अशोक गहलोत प्रदेश में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव थे। वहीं, सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे लेकिन विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पायलट को दरकिनार कर गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं, सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री का पद दिया गया।

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