स्कूल में बच्चों के झाड़ू लगाने की तस्वीर खींचने पर पत्रकार हुआ गिरफ्तार

children sweeping in school

आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश में एक स्कूल में बच्चों द्वारा कथित रूप से झाड़ू लगाने की फोटो खींचने पर पत्रकार संतोष जयसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। आजमगढ़ के जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए सोमवार को आदेश दिया। बताया जा रहा है कि उनके साथी पत्रकार सुधीर सिंह ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तार पत्रकार को सरकारी काम में बाधा डालने और रंगदारी मांगने के झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने अन्य पत्रकारों के साथ जिलाधिकारी एनपी सिंह से मुलाकात की और उन्हें कथित अवैध गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। वहीं एनपी सिंह ने कहा कि ‘‘पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। हम मामले को देखेंगे।’’ इसी के साथ उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

बच्चों की तस्वीर खींचने पर हुई गिरफ्तारी

सिंह ने बताया कि स्थानीय पत्रकार संतोष को पिछले शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्कूल में बच्चों के झाड़ू लगाने की तस्वीर खींच ली थी और स्कूल प्रशासन के ‘अवैध कृत्य’ की जानकारी देने के लिए पुलिस को फोन किया था। साथी पत्रकार सुधीर ने बताया कि संतोष की कॉल पर पुलिस स्कूल पहुंच कर संतोष और उदयपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राधे श्याम यादव को थाने ले गई। सुधीर ने बताया कि फूलपुर थाने में प्रधानाध्यापक ने संतोष के खिलाफ तहरीर दी जिसके आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पत्रकार के खिलाफ लगाए गए ये आरोप

पत्रकार के खिलाफ 6 सितंबर को प्राथमिकी संख्या 237 दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संतोष अक्सर स्कूल आते थे और पुरुष एवं महिला शिक्षकों से तथा छात्रों से बदसुलूकी करते थे। साथ ही उन सभी काे अपने अखबार की सदस्यता लेने को कहते थे। यादव ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि घटना के दिन संतोष स्कूल आए और बच्चों को झाड़ू लगाने को कहा ताकि इसका फोटो खींचा जा सके। यादव ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस कृत्य का विरोध किया तो संतोष स्कूल परिसर से चले गए, लेकिन उनकी गाड़ी वहीं थी और बाद में उन्होंने उनसे धन मांगा।

साजिश के तहत मुकदमा कराया गया दर्ज

वहीं दिल्ली की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के लिए स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वाले सुधीर ने पत्रकार के खिलाफ आरोपों का खंडन किया और कहा कि स्थानीय पुलिस उनके पीछे पड़ी थी। उन्होंने बताया कि गत 19 मई को उत्तर प्रदेश पुलिस के ट्विटर हैंडल पर फूलपुर के कोतवाल शिवशंकर सिंह की बिना नम्बर की और काली फिल्म लगी कार की फोटो पोस्ट की थी, जिसके बाद पुलिस ने ट्वीट किया कि यह फोटो 2 माह पहले की है जब वाहन खरीदा गया था। अब नम्बर प्लेट भी लग गयी है। हालांकि कुछ ही देर बाद एक अन्य युवक ने ट्वीट किया कि यह नम्बर कार का नहीं बल्कि मोटरसाइकिल का है। इसके बाद उन्होंने फूलपुर कोतवाल के इस कारनामे की खबर छाप दी। तभी से ही कोतवाल उनके पीछे पड़े थे और साजिश के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया।

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