हिंडाल्को हादसा : राज्य सरकार ने दिया जांच का आदेश, फैक्ट्री सील

मुरी : रांची के मुरी स्थित हिंडाल्को कंपनी के रेड मड कॉस्टिक पॉन्ड (तालाब) हादसामामले में 20 घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम ने राहत का काम शुरू किया। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया। मुख्य सचिव डीके तिवारी के आदेश पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिंडाल्को की अल्युमिनियम फैक्ट्री का ऑपरेशन पर तत्काल रोक लगा दिया है। फैक्ट्री को सील भी कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही रांची उपायुक्त और एसएसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया। उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि इस घटना में कितने लोग चपेट में आए हैं, फिलहाल इसकी जानकारी दे पाना मुश्किल है, लेकिन घटना बड़ी है। एसएसपी अनीश गुप्ता ने बताया कि लापता लोगों की सूची तैयार की जा रही है। उसी आधार पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। बता दें कि मंगलवार दोपहर को मुरी स्थित हिडाल्को कंपनी के रेड मड कॉस्टिक पॉन्ड (तालाब) की दीवार मंगलवार को धंस गई। पॉन्ड की 35 फीट ऊंची दीवार के सहारे लगाया गया मलबे का करीब 85 फीट का पहाड़ ढह गया। ‌इस मलबे में हिंडाल्को के अधिकारियों द्वारा पांच गाड़ियों और पांच लोगों के दबने की आशंका जताई। लेकिन घटना के वक्त डंपिंग यार्ड में कितने लोग थे, इसको लेकर अधिकारियों के पास कोई जानकारी नहीं है। हालांकि आस-पास के गांव वालों का कहना है कि 100 से अधिक लोगों का पता नहीं चल रहा है। गांव वालों के कहने पर प्रशाासन ने वहां के लोगों से गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा है।
राहत कार्य में देरी को लेकर लोगों में गुस्सा
लोगों का कहना है कि बार-बार अनहोनी का अंदेशा प्लांट प्रशासन को बताया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मलबे से कई एकड़ फसल भी बर्बाद हुए हैं। मालूम हो कि साल 1948 से बॉक्साइट निकालने का काम हिंडाल्को कंपनी यहां कर रही है। कंपनी उस वक्त से बॉक्साइट का मड यहां डंप कर रही है।

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