नीतीश सरकार में आरएसएस की जासूसी

स्पेशल ब्रांच की टीम ने विशेष शाखा पदाधिकारियों को एक खुफिया पत्र लिखकर दिया आदेशपटना : नीतीश सरकार की स्पेशल ब्रांच की इंटेलिजेंस विंग टीम अब राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुुड़े समेत 19 अनुषांगिक संगठनों की जानकारी इकट्ठा करेगी। इसके लिए टीम ने आदेश जारी करते हुए सभी विशेष शाखा पुलिस उपाधीक्षक और सभी जिलों के विशेष शाखा पदाधिकारियों को एक खुफिया पत्र लिखकर संघ और उससे जुड़े संगठनों की जानकारी मांगी है। बता दें कि यह आदेश्‍ा स्पेशल ब्रांच ने 28 मई 2019 को जारी किया था। स्पेशल ब्रांच के सभी वहीं स्पेशल ब्रांच का यह आदेश सुर्खियों में है। यह आदेश की कॉपी सामने आने के बाद बिहार पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। नाम उजागर नहीं करने के आग्रह पर एक पुलिस अधिकारी ने एक वेबसाइट को बताया कि यह तो बस रूटीन अभ्यास है। क्राइम ब्रांच की टीम नियमित अंतराल पर ऐसी जानकारियां इकट्ठी करती रहती है।

इन संगठनों के बारे में मांगी जानकारी : स्पेशल ब्रांच की ओर से जारी आदेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, धर्म जागरण सम्नयव समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वेदशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू पुत्र संगठन के पदाधिकारियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर व व्यवसाय के संबंध में जानकारी एक सप्ताह के अंदर कार्यालय में भेजने को कहा गया है।

बिहार विधान परिषद में गूंजा मामला, भाजपा ने जताई आप‌त्ति :

बुधवार को यह मुद्दा विधान परिषद में भी उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि नीतीश ने पहले ही आरएसएस की जड़ें मजबूत कर दी हैं। आरएसएस को मजबूत करने में नीतीश की भूमिका है, अब जांच करवाकर क्या करेंगे? इसका जवाब सुशील मोदी और भाजपा वालों से लेना चाहिए, अब क्या कहेंगे भाजपा वाले। हालांकि यह सही है कि नीतीश कुमार के पास जांच के अधिकार हैं। भाजपा नेता और बिहार विधान परिषद के सदस्य संजय मयूख ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि आरएसएस पर जारी पत्र पर सरकार जवाब दे। उन्होंने कहा कि आरएसएस देश की सबसे विश्वसनीय संस्था है और इस संस्था के बारे में खुफिया जांच की बात चौंकाने वाली है। सरकार इस पत्र की सत्यता पर जवाब दे। अगर पत्र सही है तो यह ठीक नहीं है।

गृह विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण : दूसरी तरफ आरएसएस पर विशेष शाखा द्वारा जांच करवाने का मामला तूल पकड़ता देख गृह विभाग ने एडीजी विशेष शाखा से स्पष्टीकरण मांगा है। गृह विभाग ने पूछा है कि सरकार की जानकारी के बगैर पत्र कैसे निर्गत हुआ? इससे पहले एडीजी हेडक्वार्टर जीएस गंगवार ने मीडिया के सामने पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस विभाग, पुलिस मुख्यालय या सरकार को कोई जानकारी नहीं है। पत्र की जांच की जा रही है और इस मामले में जांच के बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने कहा कि यह पत्र पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी हुआ है और जिन्होंने पत्र जारी किया वो अधिकारी अभी पुलिस अकेडमी में ट्रेनिंग में हैं. उनका भी पक्ष लिया जाएगा. हालांकि गंगवार ने यह भी कहा कि आरएसएस नेताओं पर खतरा था, इस वजह से डिटेल लिया जा रहा था.

नीतीश-मोदी की जोड़ी लैला-मजनू की : ओवैसी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जेडीयू-बीजेपी के गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि मेरा मानना है कि नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी की लैला-मजनू की जोड़ी है। अगर भाजपा को लग रहा है कि उन पर नजर रखी जा रही है तो आप गठबंधन से निकल जाइये।

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