लगातार ताकत बढ़ा रहा है यास, अब आ रहा है 100 की स्पीड से

नवान्न व केएमसी में कंट्रोल रूम खोले गये
द​क्षिण-पूर्व रेलवे की 78 ट्रेनें हुईं रद्द
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सुपर साइक्लोन अम्फान के एक वर्ष हो गये और अब फिर एक भयावह तूफान पश्चिम बंगाल में दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग की ओर से इसे ‘अत्यंत भयंकर चक्रवाती तूफान’ कहा जा रहा है जिसका नाम ‘यास’ रखा गया है। मौसम विभाग की ओर से पहले ही कहा गया था कि शनिवार से निम्न दबाव बनेगा और मंगलवार की शाम से बारिश होगी। हालांकि शनिवार को निम्न दबाव बनने के साथ ही बारिश भी चालू हो गयी है। इधर, आज से मछुआरों को समुद्र में जाने की मनाही कर दी गयी है।
होगी भारी से अत्यंत भारी बा​रिश
मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि शनिवार को निम्न दबाव बनने के बाद यह निम्न दबाव और गहरा होगा। तटवर्ती जिलों में 25 तारीख की सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो जाएगी। इसके बाद बारिश और तेज होगी व 26 तारीख को तेज से अत्यंत तेज बारिश तटवर्ती जिलों में होगी। वहीं 26 और 27 को उत्तर बंगाल के जिलों में तेज से अत्यंत तेज बारिश होगी।
कल से चलेंगी तेज हवाएं, बढ़ेगी स्पीड
मौसम विभाग ने बताया कि 24 तारीख की शाम से तेज हवाएं चलेंगी। 24 को 40 से 50 कि.मी. प्रति घण्टे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जबकि अगले दिन हवा की रफ्तार में और वृद्धि होगी। वहीं 26 की सुबह 80 कि.मी. तक प्रति घण्टे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जबकि दोपहर बाद हवा की रफ्तार और बढ़ेगी। इस दौरान लगभग 100 कि.मी. प्रति घण्टे की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर से उत्तर पश्चिम की ओर जाएगा चक्रवात
सोमवार को निम्न दबाव अधिक शक्ति संचय कर चक्रवात यास में बदल जायेगा और उत्तर से उत्तर पश्चिम की ओर अग्रसर होगा। अगले 24 घण्टों में यह और उत्तर से उत्तर – पश्चिम की ओर अग्रसर होता रहेगा और अत्यंत भयंकर चक्रवात में तब्दील हो जाएगा। इसके बाद 26 मई यानी बुधवार की शाम चक्रवात पश्चिम बंगाल में टकरायेगा। हालांकि अलीपुर मौसम विभाग ने शनिवार को बताया ​कि चक्रवात कहां टकरायेगा, यह अब भी स्पष्ट नहीं है। हालांकि पश्चिम बंगाल में टकराने की संभावना ही सबसे अधिक है। 26 की शाम को यास पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा और बांग्लादेश तट की ओर जायेगा।
प्रशासन सतर्क, नवान्न में खोला गया कंट्रोल रूम
चक्रवात को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और पूरी तैयारी में जुट गया है। माइक पर प्रचार किया जा रहा है ताकि लोग समुद्र के आस-पास ना रहे। इसके अलावा नवान्न में कंट्रोल रूम भी खोला गया है। वहीं जरूरत पड़ने पर उपान्न में भी कंट्रोल रूम खाेलने की तैयारी चल रही है। समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा हटाने की व्यवस्था की जा रही है। सागर में भी पुलिस की ओर से प्रचार किया जा रहा है। इसके साथ ही कोलकाता नगर निगम की ओर से भी कंट्रोल रूम खोला गया है। साथ ही कोलकाता के प्रशासक फिरहाद हकीम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्देश दिये।
एनडीआरएफ की टीमें की गयी तैनात
राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गयी हैं। हासनाबाद, संदेशखाली, गोसाबा, काकद्वीप, सागर, दीघा, रामनगर, कोंटाई, डायमण्ड हार्बर, कोलकाता व हावड़ा में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गयी हैं।
कोलकाता पुलिस भी हुई तैयार
चक्रवात से मुकाबले के लिए कोलकाता पुलिस भी तैयार है। इस बीच, 20 आपदा प्रबंधन टीमें तैयार की गयी हैं। प्रत्येक टीम में 5 सदस्य शामिल रहेंगे जो डीसी कॉम्बैट के अधीन कार्य करेंगे। गत वर्ष अम्फान के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार आपदा प्रबंधन टीमों की संख्या बढ़ायी गयी है। पेड़ काटने के लिए आधुनिक मशीनें भी तैयार रखी गयी हैं ताकि तूफान में पेड़ उखड़ जाने पर उसे तुरंत हटाया जा सके। इसके अलावा रिवर ट्रै​फिक पुलिस को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। गंगा में भी निगरानी बढ़ायी गयी है। निम्न दबाव के चक्रवात में बदलने पर आज अंतिम चरण की तैयारी पूरी की जायेगी।

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