एक और तूफान की तबाही की आशंका ने छीन लिया है महानगर वासियों का चैन

  • अम्फान में लाखों लोग हुए थे जिले में प्रभावित
  • उस नुकसान से अब तक नहीं उबरे, अब दूसरे की चुनौती सामने

बशीरहाट : अम्फान की तबाही को अब तक बशीरहाट अंचलवासी भूल नहीं पाए हैं और अब उनके सामने एक और चक्रवात की चुनौती आ गई है। अंचलवासियों में तूफान यास को लेकर भारी आतंक देखा जा रहा है। यहां बता दें कि प्रशासन ने उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिले के कई इलाकों, विशेषकर सुंदरवन अंचल में इसके प्रभाव को लेकर सतर्कता जारी की है। गत बार अम्फान ने इन जिलों में भारी तबाही मचाई थी। लाखों लोग इससे प्रभावित हुए थे। माना जा रहा है कि यास भी उसी स्तर पर तबाही मचा सकता है। इस कारण लोगों की रातों की नींद अब उड़ गई है। उनका कहना है कि वे अब तक अम्फान की तबाही से उबर नहीं पाए हैं और उनके सामने यह एक और मुसीबत आ गई है। अगर ऐसे ही तूफान आते रहे तो वह कैसे जी पाएंगे। यही कारण है कि जान बचाने के लिए कइयों ने अभी से ही अपने घरों को छोड़ना भी शुरू कर दिया है। वे तूफान से पहले एक सुरक्षित जगह पर पहुंच जाना चाहते हैं हालांकि कोरोना की परिस्थिति में यह भी उनके लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है कि वे कहीं दूर अपने रिश्तेदारों के यहां नहीं जा पा रहे हैं। बशीरहाट अंचल के समुद्र तटीय इलाके हिंगलगंज, हेमनगर, कोस्टल सुंदरवन के कुछ अंचल में रहने वाले लोग मछली पालन पर और खेती बारी पर ही निर्भर करते हैं। उनका कहना है कि इस तरह से अगर एक के बाद एक तबाही आती रही तो वे नुकसान से कभी भी निकल पाएंगे। यहां के निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि तूफान के पहले ही उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए । वे आतंक में दिन काट रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले बार के अम्फान आपदा में मदद के नाम पर भी मिली राशि में भी कई तरह की धांधली सामने आई थी और आज भी कइयों को मदद नहीं मिल पाई है। अब इस तरह से उनके सामने एक और चक्रवात की चुनौती है। पिछले साल ही 20 मई को अम्फान उनके घरों को उजाड़ दिया था। खेती-बारी उजड़ गई, बिजली आदि की व्यवस्था तबाह हो गई। पीने के पानी की भी किल्लत उन्होंने देखी थी। यहां बता दें कि प्रशासन के अनुसार उत्तर 24 परगना व दक्षिण 24 परगना के बशीरहाट महकमा के हिंगलगंज, संदेशखाली, मिनाखां, हाड़वा को भारी नुकसान पहुंचने का अनुमान है। कारण यह है कि यह सभी इलाके नदी बांध से जुड़े हुए हैं और कुछ समुद्र के तटवर्ती इलाकों से जुड़े हुए हैं, जहां पर तूफान का प्रभाव सबसे अधिक देखा जाएगा। विद्याधारी नदी, रायमंगल, इच्छामति, कालिंदी , बेतिनी नदी में अम्फान के कारण कई जगहों पर बांध टूट गये थे जिनकी आज तक पक्की मरम्मत नहीं हो पाई है, यही कारण है कि लोग इस बात की भी आशंका लगा रहे हैं कि इस तूफान से गांव के गांव डूब सकते हैं। बशीरहाट प्रशासन की ओर से लोगों के बीच माइकिंग व अन्य तरीकों से भी उन्हें अलर्ट रहने को कहा गया है और जिनके घर नदी या फिर समुद्र के आसपास में हैं उन्हें दूर चले जाने को कहा गया है। प्रशासन ने अभी से ही तूफान को लेकर व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी हैं। स्कूलों व अन्य खाली जगहों पर शिविरों की व्यवस्था की जा रही है ताकि लोगों को थोड़ी सहूलियत मिल पाए।

शेयर करें

मुख्य समाचार

फाफ डू प्लेसी हेल्‍थ अपडेटः याददाश्त तो….

नई दिल्लीः पाकिस्तान सुपर लीग के मैच में सिर में चोट लगने के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी फाफ डू प्लेसी का बयान आया है। डू प्लेसी ने आगे पढ़ें »

एक साल बाद भी नहीं सुलझी सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी

मुंबई : सुशांत सिंह राजपूत ने आज ही के दिन एक साल पहले दुनिया को अलविदा कह दिया था। इस मौके पर उनके करीबियों से आगे पढ़ें »

ऊपर