क्या सितारों की चमक राजनीतिक पार्टियों की राह कर पायेगी आसान ?

तृणमूल और भाजपा दोनों ने ही उतारे कई टॉलीवुड सेलेब्स
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में ‘सत्ता का संग्राम’ चल रहा है और इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने पूरा जोर लगा दिया है। वाममोर्चा के शासन में जहां केवल शुद्ध रूप से राजनीति करने वालों को ही चुनावी मैदान में उतारा जाता था, वहीं पिछले कुछ वर्षों से इस तस्वीर में काफी बदलाव आया है। वर्ष 2011 में तृणमूल सरकार के आने के बाद से समाज के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि खिलाड़ी, क्रिकेटर, शिक्षाविद् आदि को भी चुनावी मैदान में उतारा जाने लगा। इस बार विधानसभा चुनाव में तृणमूल को भाजपा कड़ी टक्कर दे रही है। यह बात उम्मीदवारों की सूची में भी झलक रही है। इस बार जहां तृणमूल हो या भाजपा दोनों ही पार्टियों ने टॉलीवुड सेलेब्स पर भरोसा जताया है। दोनों ही ओर से टॉलीवुड के कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे गये हैं।
तृणमूल ने टॉलीवुड से 10 चेहरों को उतारा
तृणमूल ने इस बार टॉलीवुड से 10 चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें सबसे विवादित नाम सायोनी घोष का है जो हाल में भाजपा के खिलाफ अपने बयान के कारण काफी सुर्खियों में आयी थीं। उनके खिलाफ वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत राय ने एफआईआर भी दर्ज करवायी थी। सायोनी को आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार बनाया गया है। सायोनी के अलावा कौशानी मुखर्जी, डायरेक्टर राज चक्रवर्ती, गायिका अदिति मुंशी, चिरंजीत चक्रवर्ती, लवली मोइत्रा, कंचन मल्लिक, सोहम चक्रवर्ती, जून मालिया और सायंतिका बनर्जी को भी तृणमूल ने उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने भी दी टक्कर, उतारे 8 सेलेब्स
इस बार के चुनाव में भाजपा ने तृणमूल को कड़ी टक्कर दी है। चुनावी मैदान में भाजपा ने टॉलीवुड से 8 चेहरों को उतारा है। चंडीतला से भाजपा उम्मीदवार यश दासगुप्ता को लेकर काफी क्रेज भी युवाओं में देखा जा रहा है। उनके अलावा हिरण्मय चटर्जी, तनुश्री चक्रवर्ती, अंजना बसु, पायल सरकार, यश दासगुप्ता, पोरनो मैत्र, रूद्रनील घोष और श्रावंती चटर्जी जैसे टॉलीवुड के चेहरे उम्मीदवार बनाये गये हैं।
मिठुन भी उतरें प्रचार में
बंगाल के ‘महागुरु’ कहे जाने वाले अभिनेता मिठुन चक्रवर्ती भी भाजपा की ओर से चुनाव प्रचार में उतर गये हैं। आज भी उनके प्रशंसकों की संख्या इतनी अधिक है कि मिठुन जब शालतोड़ा में प्रचार के लिए पहुंचे तो भारी भीड़ के कारण उन्हें 15 मिनट तक हेलिकॉप्टर में ही इंतजार करना पड़ा। अब देखने वाली बात यह होगी ​कि प्रशंसकों का यह क्रेज वोट में बदल पाता है या नहीं।
अभिनय जगत और राजनीति का रिश्ता है काफी पुराना
अभिनय जगत और राजनीति का रिश्ता काफी पुराना है। सबसे बेहतरीन उदाहरण एन.टी. रामा राव, जो कि 1980 और 1990 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, उनका है और उनके साथ ही एम. जी. रमाचंद्रन और जे. जयललिता का उदाहरण भी है जिन्होंने दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की राजनीति में अपना दबदबा वर्षों तक बरकरार रखा। राव जिन्हें एनटीआर के नाम से जाना जाता है, उन पर और जयललिता पर अब बायोपिक भी आ रही है। बॉलीवुड की बात करें तो मेगा स्टार अमिताभ बच्चन 1984 में लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनके अलावा राजेश खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद खन्ना और राज बब्बर भी राजनीति में रह चुके हैं। हालांकि अभिनय जगत से आये सभी लोग राजनीति में सफल नहीं होते। इसका उदाहरण हैं उर्मिला मातोण्डकर और कमल हसन जैसे लोग जिन्हें राजनीति में कोई खास सफलता नहीं मिली। वहीं धर्मेंद्र भाजपा से सांसद रह चुके हैं, उनके बेटे सनी देओल भी मौजूदा समय में सांसद हैं।
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक विश्लेषक उदयन बंद्योपाध्याय ने सन्मार्ग से कहा, ‘किसी भी क्षेत्र से जुड़ा कोई व्यक्ति राजनीति में आ ही सकता है। हालांकि यह बात सच है कि अभिनेता और अभिनेत्रियों के चेहरों से जनता काफी प्रभावित होती है।’ अब देखना यह है कि इस चुनाव में टॉलीवुड के ये चमकते चेहरे किस पार्टी को कितना लाभ दिला पाते हैं।

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