जब मौत को सामने देखा उड़ान में यात्रियों ने, रोने और चीखने लगे सभी यात्री

खौफ से सभी यात्री मांग रहे थे जिंदगी की सलामती की दुआ
संजय सिंह
अंडाल : मुंबई से दुर्गापुर आ रहे स्पाइस जेट के बोईंग बी 737 की उड़ान के यात्रियों के लिए रविवार की देर शाम की उड़ान कभी नहीं भूल पाने वाली उड़ान साबित हो रही है। लैंडिंग से पहले काल वैशाखी तूफान (टर्बुलेन्स) में फंसी उड़ान के यात्री अब अपना नया जीवन समझ रहे हैं। हालांकि पायलट की सूझबूझ से विमान सुरक्षित रन वे पर उतर तो गया लेकिन इससे पहले आसमान में विमान के अंदर जो कुछ हुआ उसे यात्रीगण भुलाये नहीं भूल पा रहे हैं।
…जब अचानक केबिन लगेज यात्रियों पर गिरने लगा
झारखण्ड के देवघर संलग्न मोहनपुर हाट निवासी मुकेश कुमार तातवा ने कहा कि रविवार की शाम 6 .50 से 7.15 बजे तक का वह खौफनाक मंजर उन्हें और उनके परिवार को जीवन भर याद रहेगा। मुम्बई में उनका बिजनेस है इसलिए अक्सर वह विमान से आवाजाही करते हैं। रविवार को वह अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ मुंबई से लौट रहे थे। सब कुछ ठीक चल रहा था कि अचानक करीब 6 .50 बजे विमान तेज आंधी में फंस गया। विमान हवा में कभी दाएं तो कभी बाएं, कभी नीचे तो कभी ऊपर की ओर कर रहा था। अस्वाभाविक परिस्थिति को देख सवार सभी यात्री दहशत से चिल्लाने लगे। इसके बाद फूड ट्राली हो या लगेज सभी गिरने लगे। इससे यात्रियों को काफी चोट भी लगी। 40 से 50 यात्री विमान में गिरते-लुढ़कते रहे। पायलट की सूझबूझ से विमान की सुरक्षित लैंडिंग होने के बाद ऐसा लगा कि वे लोग मौत की मुंह से वापस लौटे हों।
अब विमान से यात्रा करने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा
करीब 20 मिनट का वह पल जीवन भर स्मरण रहेगा। यह कहना है झारखण्ड के दुमका के दुबराजपुर गांव निवासी रफीक अंसारी का। उन्होंने कहा कि मुंबई में वह मेट्रो प्रोजेक्ट में काम करते हैं। ईद के मौके पर वह अपने 8 सहकर्मियों व साथियों के साथ घर लौट रहे थे। वह तो इससे पहले विमान से सफर कर चुके थे लेकिन उनके सभी साथी पहली बार विमान पर सवार हुए थे। मुंबई से शाम के करीब 5 .05 बजे विमान दुर्गापुर के लिए टेक ऑफ हुई। शाम के करीब पौने 7 बजे विमान कभी दाएं तो कभी बाएं लहराने लगी। यह देख उसके सभी साथी घबराने लगे। इससे पहले कुछ समझ पाते अचानक विमान तेज रफ़्तार से नीचे की ओर जाने लगा। सभी यात्री डर से कांपने लगे। यहां तक कि एयर होस्टेस भी भयभीत होकर शोर मचाने लगीं।
ईद के पहले नया जीवन मिला
आंधी में फंसा विमान करीब 20 मिनट तक हवा में लहराता रहा। जिस सीट पर उसका साथी बैठा था वह उखड़ गया, सीट बेल्ट टूटने लगे थे। इस दौरान 4 -5 बार झटके के सम्मुखीन होना पड़ा लेकिन एक झटका इतना जबरदस्त था कि कई यात्री घायल हो गए। किसी के सिर पर चोट, तो किसी के गर्दन और पीठ पर चोटें आईं। सभी यात्री खौफ से जिंदगी की सलामती की दुआ मांग रहे थे। उन्हें लगा कि शायद यह जिंदगी का आखिरी दिन है। ईद के पहले सबकों नयी जिन्दगी मिली है। सभी के सामने मौत का मंजर नाच रहा था। ऊपर वाले का शुक्र है कि सभी बच गए। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अब विमान से यात्रा करने की हिम्मत नहीं है।
झारखण्ड के गिरिडीह इलाका के निवासी सहादत अंसारी, जुम्मन अंसारी , सावन अंसारी ने कहा कि यह सफर वे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे। आंधी में फंसने के बाद विमान जिस तरह से कांप रहा था, ऐसा लग रहा था कि वे लोग मुंबई से घर के लिए नहीं बल्कि मौत के सफर पर निकल पड़े हों। घटना में उन लोगों को चोट तो आई है लेकिन ऊपर वाले की मेहरबानी से वे लोग अपने घर लौटने में सफल रहे। झारखण्ड के पालोजोड़ी निवासी तमजीत अंसारी ने कहा कि वह अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ मुंबई से लौट रहे थे। विमान में जो कुछ हुआ वह दहशत का मंजर हमेशा याद रहेगा। घटना में वह और उनके परिवार के 4 सदस्य घायल हुए हैं। मुंबई से जामताड़ा जा रही ममता दुबे ने कहा कि तूफान में करीब 15 -16 मिनट तक विमान फंसा रहा। झटके के कारण वह सीट से गिर गई थी। उनके गर्दन, पीठ और रीढ़ में चोट आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लैंडिंग के काफी समय बाद एम्बुलेंस आया। इसके बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

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