कोलकाता : आखिरकार फुटपाथ पर क्यों रह रही पूर्व मुख्यमंत्री की ये करीबी रिश्तेदार

कोलकाता : फर्राटेदार अंग्रेजी, वायरोलॉजी में पीएचडी, लेकिन जिंदगी गुजर रही है फुटपाथ पर। यह कहानी है पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की साली इरा बसु की। इरा बसु, पूर्व सीएम बुद्धदेव भट्टाचार्य की पत्नी मीरा भट्टाचार्य की बहन हैं। इरा बसु इन दिनों गंदे कपड़े पहने कभी इस फुटपाथ पर रात गुजारती हैं, कभी उस फुटपाथ पर। 

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के प्रियनाथ गर्ल्स हाई स्कूल में जीवन विज्ञान की पूर्व शिक्षिका इरा बसु डनलप इलाके में फुटपाथ पर रहती हैं। कई लोगों ने उन्हें इलाके में घूमते देखा। हालांकि उनकी वीआईपी पहचान बाद में सामने आई। उनके कई स्कूल सहयोगी राज्य के पूर्व सीएम के साथ संबंधों को जानते थे। 

इरा 1976 में प्रियनाथ गर्ल्स हाई स्कूल में जीवन विज्ञान की शिक्षिका के रूप में शामिल हुईं। 28 जून 2009 को उन्होंने रिटायरमेंट ले ली। एक समय वह जिले के बारानगर में रहती थीं। बाद में वह खरदाह के लिचु बागान इलाके में चली गईं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से वह इस पते से गायब हो जाती है। 

इसके बाद से वह जिले के डनलप में नजर आ रही हैं। प्रियनाथ स्कूल की प्रधानाध्यापिका कृष्णाकली चंदा कहती हैं, ‘इरा बसु इस स्कूल में पढ़ाती थीं और अपनी सेवानिवृत्ति के बाद हमने उन्हें पेंशन लेने के लिए सभी कागजात जमा करने को कहा, लेकिन इरा ने ऐसा नहीं किया और इसीलिए उन्हें कोई पेंशन नहीं मिलती।’ 

5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर इरा बसु को डनलप मोरे की संस्था “आर्टीजोन” के सदस्यों ने सम्मानित किया। उन्हें मिठाई खिलाई गई। बाद में वह कहती हैं, ‘मैं प्रियनाथ गर्ल्स हाई स्कूल में शिक्षिका थी, मैंने 1976 में जीवन विज्ञान शिक्षक के रूप में अपना कैरियर शुरू किया था, उस समय स्कूल माध्यमिक स्तर का था, बाद में यह उच्च माध्यमिक विद्यालय में बदल गया।’ इरा बसु ने कहा, ‘सभी शिक्षक अभी भी मुझसे प्यार करते हैं और कई छात्र मुझे याद करते हैं। वे मुझे गले लगाकर रोते हैं। मैंने वायरोलॉजी में पीएचडी की है। जब मैंने इस स्कूल में प्रवेश लिया तो नलिनी देवी हमारी प्रधान शिक्षिका थीं। 

इरा को दूसरे स्कूलों में भी मौके मिले, लेकिन वह शामिल नहीं हुई और उन्होंने इस स्कूल में एक शिक्षक के रूप में 34 साल बिताए, लेकिन वह केवल शिक्षिका नहीं है, वह विविध खेलों में सक्षम थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल राज्य स्तरीय एथलेटिक्स में 100 मीटर दौड़ का खिताब जीता। इसके अलावा उसने टेबल टेनिस, क्रिकेट भी खेला। 

बुद्धदेव भट्टाचार्य के परिवार के साथ संबंधों पर इरा कहती हैं, ‘इससे उन्हें बहुत परेशानी होती है, मुझे उनसे कोई फायदा नहीं हुआ, मैं वीआईपी के साथ नहीं बैठना चाहती, कई लोगों को हमारे पारिवारिक रिश्ते के बारे में पता है।’ एक पूर्व शिक्षक के रूप में इरा ने कोविड-19 महामारी की स्थिति के बीच ऑनलाइन कक्षाओं का कड़ा विरोध किया था। वह कहती हैं, ‘मैं ऑनलाइन कक्षाओं का समर्थन नहीं कर सकती। मुझे लगता है कि छात्र ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से कुछ भी नहीं सीख सकते हैं।’ 

इस बीच इरा बसु मारी-मारी फिर रही हैं। उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। सोशल मीडिया के जरिए उनकी खबर वायरल होने के बाद प्रशासन ने उन्हें एम्बुलेंस को डनलप क्षेत्र से पहुंचाया गया, फिर उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के एक अस्पताल में ले जाया गया।

 

 

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