विश्वभारती के उपाचार्य को और विनम्र होना पड़ेगा : हाई कोर्ट

जस्टिस मंथा ने छात्र-छात्राओं को भी दी नसीहत
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विवादों को निपटाने के लिए विश्वभारती के उपाचार्य और प्रशासनिक अधिकारियों को और विनम्रता से पेश आना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्हें लचीला रुख भी अख्तियार करना पड़ेगा। विश्वभारती मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को हाई कोर्ट के जस्टिस राय राजा शेखर मंथा ने यह टिप्पणी की। इसके साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं को भी नसीहत दी।
जस्टिस मंथा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्य की बात है कि विश्व ख्याति प्राप्त विश्वभारती विश्वविद्यालय का आज यह हाल हुआ है। इसकी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव को दिन-ब-दिन नीचे लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी से कोई बच नहीं सकता है। विश्वविद्यालय का प्रशासन हो या छात्र-छात्राएं दोनों ही इस हाल के लिए जिम्मेदार हैं। जस्टिस मंथा ने कहा कि बाहरी तत्व विश्वविद्यालय के आंदोलन को हवा दे रहे हैं। छात्र-छात्राओं को यह समझना पड़ेगा कि राजनीति के कारोबारी उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनीतिक फायदा उठाने के बाद वे इनसे किनारा कर लेंगे। जस्टिस मंथा ने कहा कि इन छात्र-छात्राओं को इस बात पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जिसके लिए वे यहां आए हैं। तीन छात्र-छात्राओं को कक्षा में नहीं बैठने देने के आरोप को विश्वविद्यालय ने इंकार किया है। इन लोगों ने कंटेंप्ट का मामला दायर किया था। उनका आरोप था कि हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। जस्टिस मंथा ने कहा कि वे निर्धारित मानक का अनुपालन करते हुए कक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा जस्टिस मंथा ने आदेश दिया है कि जिन अध्यापकों को निलंबित किया गया है या छंटनी की गई है उनके मामले पर विश्वविद्यालय को नए सिरे से विचार करना पड़ेगा।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

पहली मुलाकात में प्यार, शादी के महीनों बाद पति को चला पता, पत्नी थी पोर्न स्टार

नई दिल्ली : एक शख्स को पहली नजर में ही एक युवती से प्यार हो गया। दोस्ती रिश्ते में बदल गई और शख्स ने उस आगे पढ़ें »

ऊपर