चुनाव बाद हिंसा : कमेटी ने हाई कोर्ट में दी रिपोर्ट

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को मुहरबंद लिफाफे में हाई कोर्ट में सौंप दी। एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस आई पी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस सुब्रत तालुकदार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तीन सदस्यों की टीम का गठन करने का अनुरोध किया था। लार्जर बेंच ने कमेटी को जांच के बाद अंतरिम रिपोर्ट सौंपे जाने का आदेश दिया था।
लार्जर बेंच इस मामले की अगली सुनवायी शुक्रवार को करेगी। एडवोकेट अमृता पांडे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कमेटी की तरफ से लार्जर बेंच से कुछ और समय देने की अपील की गई तो कहा गया कि इस बाबत वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से अपील करें। कमेटी का गठन आयोग ने ही किया है। कमेटी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद मानवाधिकारों का उलंघन और हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की है। कमेटी की तरफ से लार्जर बेंच से कहा गया कि अखबारों में विज्ञापन के बाद प्रभावित परिवारों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कम समय मिला है। यहां गौरतलब है कि लार्जर बेंच न कमेटी को आदेश दिया था कि वह सभी मामलो की जांच करेगी। उन शिकायतों को जो मानवाधिकार आयोग में दर्ज करायी गई हैं। लार्जर बेंच ने यह भी कहा था कि कमेटी के सदस्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। यहां गौरतलब है कि कमेटी के सदस्यों ने बहुत सारे क्षेत्रों का दौरा किया है। कमेटी के सदस्यों ने साल्ट लेक में तीन दिनों तक हिंसा से प्रभावित लोगों की शिकायते सुनी। कमेटी के अध्यक्ष राजीव जैन और मानवाधिकार आयोग की टीमों ने लोगों की शिकायतें सुनी।

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