त्रिपुरा के तृणमूल नेता ने छोड़ी पार्टी, कहा सम्मान नहीं मिलता

भाजपा छोड़ मुंडन करवा कर तृणमूल का थामा था झण्डा
6 महीने में हुआ मोहभंग
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : भाजपा से खिलाफत कर तृणमूल में शामिल हुए त्रिपुरा के विधायक नेता आशिष दास का महज 6 महीने में ही पार्टी से मोहभंग हो गया। शुक्रवार को आशिष ने तृणमूल को अलविदा कह दिया यह आरोप लगाकर कि यहां नेताओं को सम्मान नहीं दिया जाता है। यह वही आशिष है जिन्होंने भाजपा छोड़ने के बाद कालीघाट आकर पवित्र होने के लिए अपना सिर मुंडवाया था तथा आदिगंगा में स्थान किया था यह कहते हुए कि प्रायश्चित करने के लिए उन्होंने ऐसा किया है। शुक्रवार को अगरतल्ला में संवाददाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा ‘‘ जब पार्टी ने त्रिपुरा में अपने पैर पसारने शुरू किए थे, तब 80 प्रतिशत लोग टीएमसी के साथ आने के लिए उत्सुक थे। मैं भी पार्टी में शामिल हो गया था, लेकिन अब मेरे लिए इस पार्टी में रहना संभव नहीं है। इसलिए, मैंने इस्तीफा दे दिया।’उन्होंने कहा कि जो सोच कर तृणमूल में शामिल हुआ था वह गलत साबित हुआ। उसने आरोप लगाया कि तृणमूल में गुटबाजी अधिक है। यहां मुझे काम करने नहीं दिया गया जब​कि काफी उत्साह से मैंने तृणमूल का झण्डा थामा था। सूत्रों की माने तो आशिष को आगामी विधानसभा में टिकट देने पर पार्टी विचार कर रही थी जबकि पार्टी के ही सूत्रों का कहना है कि आशिष को टिकट देने की संभावना कम होने के कारण ही उसने तृणमूल छोड़ दिया। अब आशिष की अगली राह क्या होगी इस पर सभी की निगाहें टिकी है।

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