आखिर कैसे लालकिले तक पहुंचे प्रदर्शनकारी : तृणमूल

केंद्र से पूछा सवाल, इसकी जानकारी केंद्र को कैसे नहीं थी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शनकारियों का लाल किले तक पहुंचना आखिर कैसे इतना सहज हो गया ? तृणमूल कांग्रेस ने किसानों के प्रदर्शन को ‘शांतिपूर्ण’ कहा साथ ही हैरानी जताई कि कैसे ‘प्रदर्शनकारियों का एक समूह’ लाल किले में घुस गया और केंद्र के पास इसकी जानकारी तक नहीं थी। तृणमूल ने इस घटना की स्वतंत्र जांच कराए जाने की भी मांग की। टीएमसी के वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी ने संवाददाताओं के सामने यह बातें रखी। त्रिवेदी ने कहा कि किसानों के प्रदर्शन की तुलना ममता बनर्जी के सिंगुर आंदोलन से की जा सकती है। ममता ने तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के कार के कारखाने के लिये सिंगूर में भूमि अधिग्रहण के फैसले के विरोध में अनशन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘किसानों का आंदोलन काफी शांतिपूर्ण रहा है और ममताजी के सिंगूर में 25 दिनों तक किये गए उपवास से इसकी तुलना की जा सकती है।’’

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