बंगाल कनेक्शन दिखाकर सत्ता में वापसी करना चाहती है तृणमूल

जल्द जारी होंगे और स्लोगन, गानों की सीरिज भी होगी रिलीज
हर प्रचार में बंगाल का विकास और दीदी का योगदान होगा फोकस
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल में सत्ता की तीसरी दावेदारी और उसे तोड़ने के लिए सामने खड़ी है भाजपा, इन चुनौतियों के बीच तृणमूल बंगाल का कनेक्शन दिखाकर सत्ता में अपनी वापसी करना चाहती है। यह कनेक्शन ममता बनर्जी और उनके द्वारा अब तक किये गये विकासकार्यों को बंगाल के साथ जोड़ने वाला है, जो दिखाएगा कि ममता बनर्जी बंगाल के लिए कोई और नहीं बल्कि उनके अपने घर की बेटी हैं। इस अपनत्व को दिखाते हुए ही शनिवार को तृणमूल की ओर से पार्टी का चुनावी स्लोगन जारी किया गया बांग्ला नीजेर मेय के ई चाय…यानी बंगाल को अपने घर की बेटी ही चाहिए। यही है इस बार की सत्ता तक पहुंचने का सीधा रास्ता जिस पर चलकर ममता बनर्जी जीत की हैट्रिक बनाने की ओर बढ़ रही हैं।
जल्द आयेगा रिवाइज स्लोगन और गानों की सीरिज
तृणमूल ने अपने स्लोगन में ममता बनर्जी को सूबे की बेटी बनाकर भाजपा को बाहरी शक्ति बताने की कोशिश की है। शनिवार को जारी स्लोगन में साफ कहा गया है कि इस बार लोग बंगाल के अपने घर की बेटी को वोट दें क्योंकि वह यहीं की हैं और उन्होंने बंगाल के विकास में एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। सूत्रों की माने तो इसी क्रम में जल्द ही इसका रिवाइज स्लोगन जारी होगा जिसका फोकस ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल का विकास है। इसी तरह कुछ गानों की सीरिज भी रिलीज की जाएगी जिसमें बंगाल के सेंटीमेंट और उससे ममता बनर्जी का जुड़ाव दिखाया जाएगा।
सोशल मीडिया पेज का हुआ मेकओवर
नये चुनावी स्लोगन के साथ ही तृणमूल ने अपने सोशल मीडिया के पेज का भी मेकओवर कर दिया है। ट्वीटर, फेसबुक सभी का डीपी बदल कर बांग्ला नीजेर मेय के ई चाय स्लोगन के साथ ममता बनर्जी की तस्वीर लगायी गयी है। पोस्टर की खास बात है कि इसमें बंगाल की पहचान रसगुल्ला और पूजा की पूरी तरह सजी हुई थाली को खास जगह दी गयी है जो एक ओर बंगाल की अस्मिता को दर्शाती है तो दूसरी तरफ बंगाल की पहचान लोगों को बता रही है।
मां, माटी, मानुष रहा है तृणमूल का लोक​प्रिय स्लोगन
विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में चुनाव किसी महाेत्सव से कम नहीं होता है और इसमें स्लोगन की भूमिका ही अलग होती है। स्लोगन वह जरिया होता है जिससे पार्टी जनता के साथ सीधे कनेक्शन बना पाती है। तृणमूल ने भी लोगों के साथ अपना कनेक्शन स्लोगन के जरिये ही बनाया है जिसमें अब तक का सबसे लोकप्रिय स्लोगन मां, माटी. मानुष रहा है। यह स्लोगन आज भी जनता के जुबां पर है जो दर्शाता है कि अपने दो दशकों की पारी में ममता बनर्जी ने पूरे बंगाल पर फोकस किया है। इसके अलावा भी कुछ स्लोगन हैं जो तृणमूल की ओर से विभिन्न चुनावों में जारी किये गये।
* हाथ हथौड़ी कास्ते तारा
एबार होबे भारत छाड़ा
फुटबे ना आर पद्म फूल
भारत गोड़बे तृणमूल
* बांग्लार दिशा, भारोतेर पॉथ
तृणमूल गोड़बे, भारोतेर भविष्योत
* बांग्ला बाचाबे तृणमूल
* चुप चाप फूले छाप
* ठंडा ठंडा कूल कूल,
आबार जीतबे तृणमूल
* टाटा बाय बाय,
कंकालेर आर देखा नेई

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