परिवहन मंत्री ने थामी सीएनजी बस की स्टीयरिंग

डब्ल्यूबीटीसी ने पहली सीएनजी बस उतारी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम कसबा बस डिपो में सीएनजी बस की स्टीयरिंग थामे नजर आए। उन्हें देखकर लोग आश्चर्यचकित रह गए। मंत्री ने कहा कि पहले युवा समय में लॉरी चलाने का अनुभव है, इस कारण ही अचानक पुरानी याद बस की स्टीयरिंग से ताजा हो गई। इससे पहले उन्होंने कोलकाता की पहली सार्वजनिक सीएनजी बस का उद्घाटन किया। हकीम के नेतृत्व में, पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी ) और बंगाल गैस कंपनी लिमिटेड ने कसबा परिवहन कार्यालय में एक सीएनजी बस ईंधन समझौते पर हस्ताक्षर किया। परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम ने कोलकाता में परिवहन के लिए सीएनजी गैस बिछाने की आधारशिला रखी। फिरहाद हकीम ने कहा कि, “सरकारी बसों के लिए पहला सीएनजी स्टेशन अगले 6 महीनों में चालू हो जाएगा। इससे बसों के संचालन की लागत में कमी आएगी और वायु प्रदूषण भी कम होगा।” समझौते पर सत्यब्रत बैरागी, सीईओ बंगाल गैस कंपनी लिमिटेड और राजनवीर सिंह कपूर, एमडी डब्ल्यूबीटीसी ने हस्ताक्षर किया। परिवहन सचिव, राजेश कुमार सिन्हा व अन्य अधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे। हकीम ने कहा, “हम इलेक्ट्रिक बसों और अब सीएनजी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। प्रतिबद्धता के अनुसार सीएनजी बसें शुरू करने के लिए, 2 सीएनजी बसों का ट्रायल रन किया जा रहा है। आगे यदि सफलतापूर्वक परिचालन रूप से व्यवहार्य पाया जाता है, तो सीएनजी बस रूपांतरण का विस्तार किया जाएगा।


परिचालन लागत में आ सकेगी कमी
फिरहाद हकीम ने कहा, ‘तेल की बढ़ती कीमतों से सरकार को काफी नुकसान हो रहा है। पर्यावरण के अनुकूल सीएनजी एक विकल्प के रूप में तैयार हो रहा है। बैटरी चालित बस पर भी विचार किया गया था, लेकिन इतनी ऊंची कीमत पर सभी बसों को कन्वर्ट करना संभव नहीं है। ऐसे में एक कंपनी आई और कहा कि हम सीएनजी किट बनाएंगे। यही वजह है कि प्रायोगिक तौर पर सीएनजी बस चलेगी। यदि हम सफल रहे तो सीएनजी के लिए सभी डीजल बसों का उपयोग करेंगे। दो महीने के परीक्षण के बाद, दो पुरानी बसों को उतार दिया गया।
इस पर नजर
-डीजल की दो बसों को सीएनजी में किया गया कन्वर्ट
-दो सीएनजी बसों को डब्ल्यूबीटीसी ने उतारा
-6 महीने में सीएनजी स्टेशन हो जाएगा तैयार
-प्रदूषण को रोकने में परियोजना होगी कारगर
-डीजल से सीएनजी कन्वर्ट करने में 4-6 लाख की लागत
-डीजल बस के एक किलोमीटर के लिए ईंधन की लागत 36 रुपये पड़ती है, वहीं सीएनजी बसों के मामले में इसकी लागत मात्र 13 रुपये होगी।

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