आज 21 जुलाई : मोदी और योगी के गढ़ में गरजेंगी दीदी

बंगाल में बोलेंगी दीदी ज्वाइंट स्क्रीन पर सुनेगा देश
टार्गेट 2024 है, राष्ट्रीय राजनीति में आज कदम रखेगी तृणमूल
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, झारखण्ड, असम, त्रिपुरा में सुनाया जाएगा दीदी का भाषण
पहली बार राष्ट्रीय पैमाने पर आयोजित की जा रही है शहीद रैली
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ​2021 में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बंगाल में तीसरी जीत का परचम लहराने के बाद ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस अब राष्ट्रीय स्तर पर अपना फोकस बनाने में जुटी हुई है। इसी लक्ष्य के साथ पार्टी अपने आगामी कार्यक्रमों का आयोजन भी कर रही है, जिसमें सर्व प्रमुख कार्यक्रम हर साल आयोजित होने वाली 21 जुलाई की महारैली है। यह महारैली तृणमूल कांग्रेस शहीद दिवस के रूप में मनाती आ रही है जो अब तक कोलकाता तक में ही सीमित थी। आज पहली बार इस कार्यक्रम के जरिये तृणमूल राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने जा रही है।
मोदी-योगी के गढ़ में सुनायी देगा दीदी का भाषण
यह पहली बार है कि तृणमूल कांग्रेस की आज होने वाली महारैली बंगाल के अलावा बाकी राज्यों में भी वर्चुअल मोड पर आयोजित हो रही है। पार्टी की तरफ से पहले ही बताया गया है कि दिल्ली में दीदी का भाषण सीधा सुनाया जाएगा। इसके अलावा मोदी के राज्य गुजरात और योगी के गढ़ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज व लखनऊ में दीदी के भाषणा का प्रसारण किया जाएगा। इन राज्यों के अलावा तमिलनाडु, पंजाब, झारखण्ड, असम, त्रिपुरा में भी तृणमूल की ओर से अलग-अलग जगहों पर दीदी के भाषण के वर्चुअल प्रसारण की व्यवस्था की गयी है।
बांग्ला, हिंदी, अंग्रेजी में देंगी ममता भाषण
ममता की शहीद रैली जो अब तक कोलकाता तक ही सीमित थी वह पहली बार राष्ट्रीय राजनी​ति में इस बार कदम रखने जा रही है। इस खास मौके पर ममता बनर्जी न सिर्फ बंगाली बल्कि हिन्दी, अंग्रेजी के साथ राज्यों की स्थानीय भाषा में भी भाषण देंगी। इसकी तैयारी जोरों पर है।
तृणमूल ने रिलीज की खास डॉक्यूमेंट्री
राष्ट्रीय राजनीति में 21 जुलाई के महत्व से युवाओं को अवगत कराने के लिए तृणमूल युवा कांग्रेस की तरफ से खास डॉक्यूमेंट्री तैयारी की गयी है। दो मिनट 35 सेकेंड के इस वीडियो में 21 जुलाई, 1993 की घटना का सार प्रस्तुत किया गया है। इसी दिन 1993 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुए आंदोलन में तत्कालीन वाममोर्चा सरकार के निर्देश पर की गयी पुलिस फायरिंग में 14 लोग मारे गए थे। उनकी याद में तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती आ रही​ है।

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