इस साल भी पूजा मंडप में आम लोगों की नो इंट्री

10 मीटर की दूरी से करना पड़ेगा प्रतिमा का दर्शन
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इस साल भी दुर्गा पूजा मंडप में आम लोगों के प्रवेश पर नो इंट्री लगी रहेगी। बड़े पंडालों में प्रतिमा का दर्शन दस मीटर दूर से करना पड़ेगा। कोबिड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर दुर्गा पूजा में भीड़-भाड़ न हो इस बाबत हाई कोर्ट में कई पीआईएल दायर की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज के डिविजन बेंच ने शुक्रवार को उन पर सुनवायी करने के बाद यह आदेश दिया।
एडवोकेट अंकुर शर्मा सहित कई एडवोकेटों ने पीआईएल दायर की थी। जस्टिस बिंदल के डिविजन बेंच ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाबत पिछले साल जस्टिस संजीव बनर्जी और जस्टिस अरिजीत बनर्जी के डिविजन बेंच ने जो आदेश दिया था वही लागू रहेगा। इसके साथ ही जो गाइड लाइन तय की गई थी उसी पर अमल किया जाएगा। एडवोकेट जनरल गोपाल मुखर्जी ने डिविजन बेंच से कहा कि उन्होंने सक्षम अधिकारी से इस बाबत निर्देश लिया है। उन्होंने कहा है कि पिछले साल की गाइड लाइन पर इस साल भी अमल किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि राज्य में बड़ी-छोटी मिला कर करीब 34 हजार दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है। पिछले साल जस्टिस संजीव बनर्जी के डिविजन बेंच ने हैरानी जताते हुए सवाल किया था कि पुलिस कैसे भीड़ को नियंत्रित कर पाएगी। उन्होंने सुझाव दिया था कि बेहतर होगा लोग पूजा का वर्चुवल दर्शन करें। गाइड लाइन में कहा गया था कि बड़ी पूजा के मंडप में कुल 25 और छोटे पूजा मंडप में कुल 15 लोग ही रह पाएंगे। उनके नाम की सूची मंडप के प्रवेश दरवाजे पर पहले से लगानी पड़ेगी और नामों में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। बड़े पूजा पंडाल में लोग दस मीटर की दूरी से दर्शन कर सकते हैं जबकि छोटे पूजा पंडाल में यह फासला पांच मीटर होगा। पूजा मंडप जहां समाप्त होता है वहां से इस दूरी का आकलन करना पड़ेगा। इसके साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग बाध्यतामूलक होगा।

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