इस बार बीजपुर का रण होगा बड़ा रोचक, इंच – इंच की लड़ाई

भाजपा – तृणमूल में आर-पार की लड़ाई, माकपा भी टक्कर में
कहीं जनता खामोश तो कहीं ‘खेला’ करने के मूड में

सबिता राय

बीजपुर : बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से कई सीटों पर बेहद ही मजेदार चुनावी टक्कर होने जा रहा है। इनमें से एक सीट है उत्तर 24 परगना का बीजपुर विधानसभा क्षेत्र। इस सीट से 2016 में तृणमूल के ​टिकट पर जीतकर विधायक बने शुभ्रांशु राय इस बार भी चुनाव के मैदान में हैं, मगर पार्टी गेरुआ है। भाजपा ने शुभ्रांशु राय को उम्मीदवार बनाया है। वहीं तृणमूल ने सुबोध अधिकारी पर भरोसा जताते हुए बड़ी जिम्मेदारी दी है। सुबोध बैरकपुर संसदीय क्षेत्र के तृणमूल ऑब्जर्वर हैं। यहां तृणमूल एक इंच भी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है जबकि भा​जपा तृणमूल को कांटे की टक्कर देने के लिये हर तरह से कमर कस ली है। तृणमूल जहां बीजपुर से हैट्रिक लगाने के लिए पसीना बहा रही है तो भाजपा जीत के लिए हर कौशल अपना रही है। इन दोनों की लड़ाई में माकपा भी अपनी पुरानी जमीन वापस पाने के लिए बेताब है। यहां से माकपा के उम्मीदवार सुकांत रक्षित (बाबन) हैं। बहरहाल बीजपुर में जनता का मिजाज बनने लगा है और कई जगहों पर तो जनता ने मन ही मन फैसला भी ले लिया है कि वह 22 अप्रैल को कौन सा बटन दबायेगी। कहीं-कहीं जनता खामोश है। बहरहाल इस बार बीजपुर का रण बेहद ही रोचक होने जा रहा है। बीजपुर में जीत का रसगुल्ला कौन खायेगा इसका पता तो 2 मई को ही चलेगा।
एक नजर 2016 के चुनाव पर
2016 में बीजपुर विधानसभा सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या 179608 थी। पुरुष मतदाता 92992 और महिला मतदाताओं की संख्या 86613 थी। 69.51% वोटिंग हुई थी। उस दौरान तृणमूल के उम्मीदवार शुभ्रांशु रॉय ने माकपा के उम्मीदवार डॉ रबींद्र नाथ मुखर्जी को 47954 वोटों के अंतर से हराया था। शुभ्रांशु रॉय को कुल 76842 और डॉ रबींद्र नाथ मुखर्जी को 28888 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि भाजपा के ओला रानी सरकार को 13731 वोट मिले थे।
बीजपुर की जनता का चुनावी मिजाज
प्रमोद नगर के रहने वाले पेशे से गारमेंट्स व्यवसायी कपिल कुमार कहार का कहना है कि तृणमूल ने काम तो जरूर किया है मगर कुछ लोकल नेतृत्व के रवैये से निराशा हाथ लगी। जो माहौल है उससे लग रहा है कि मोदीजी के नेतृत्व में बड़ी जीत होगी। भूत बागान के रहने वाले पेशे से ट्रासपोर्ट व्यवसायी सुभाष सिंह ने कहा कि बंगाल में केवल दीदी। बीजपुर में भी तृणमूल अच्छा प्रदर्शन करेगी। हालांकि वे यह भी मानते हैं कि माकपा के उम्मीदवार भी चुनौती दे सकते हैं। सूरज सिंह का कहना है कि जो रोजगार देगा वहीं हमारा नेता होगा। पेशे से दूध व्यवसायी संजय प्रसाद व अशोक यादव का कहना है कि मुकाबला तो होगा मगर दीदी ने अच्छा काम किया है।
महिला वोटर्स ने कहा, घर के पुरुषों की बेरोजगारी हमारा मुद्दा
कांचरापाड़ा स्थित खटाल जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं तथा अधिकांश लोग पीढ़ी दर पीढ़ी दूध व्यवसाय से अपनी जीविका चलाते आये हैं, यहां के लोगों का कहना है कि चुनाव के समय हर पार्टी ही वोट मांगने आती है मगर उसके बाद कोई हमारा हाल जानने भी नहीं आता है। राधा देवी, गीता देवी, सीता देवी सहित अन्य कई महिलाओं का कहना है कि हमारी आने वाली पीढ़ी दूध व्यवसाय से नहीं जुड़ना चाहती है, मगर सामने कोई रोजगार भी नहीं दिख रहा है। जो हमें रोजगार देगा वहीं हमारा विधायक होगा।

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