हावड़ा में जलजमाव ऊपर से बिजली के ये नंगे तार, करंट लगने का ख़तरा

हावड़ा में जल जमाव को लेकर हावड़ा निगम के बोर्ड ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन ने की उच्च स्तरीय बैठक
हावड़ा : पिछले सप्ताह हावड़ा में हुई तेज बारिश के बाद अभी भी कई इलाक़े ऐसे हैं जहाँ पर जल जमाव की स्थिति जस की तस बनी हुई है वहीं दूसरी ओर इस जल जमाओं के बीच में बिजली की नंगे तारें ऐसी लटके हुए हैं जिससे लगातार करंट लगने का ख़तरा बना हुआ है ग़ौरतलब है कि कुछ दिनों पहले तेज़ बारिश के दौरान राजभवन के सामने ऋषभ मंडल के बाद हावड़ा के शिवपुर में बिजली के झटके से युसूफ खान नामक एक किशोर की मौत हो गयी थी। इस घटना से इलाके के लोग भी दहशत में हैं। गत मंगलवार से हो रही लगातार बारिश के बाद हावड़ा निगम की पोल खुल गयी थी। विभिन्न इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम खराब होने के कारण कई गलियों में नालियों का गंदा पानी जमा हो गया है। लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ सड़ांध बदबू झेलनी पड़ रही है। लोगों के मन में शिवपुर वाली घटना घर कर गयी है। नगर निगम इलाके में हाेने के बावजूद समय से नालियों की सफाई और सुचारू रूप से पानी की निकासी नहीं हो रही है।
ऐसे में मंगलवार को ही हावड़ा नगर निगम के बोर्ड ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरमैन अरूप राय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय बैठक की गई । जिसमें हावड़ा नगर निगम इलाकों में जब में जल जमाव को कैसे निकाला जाए इस पर विशेष चर्चा की गई ।इसमें निगम कमिशनर धवल जैन और हावड़ा नगर निगम के इंजीनियर आदि मौजूद थे। दरअसल पिछले सप्ताह गत मंगलवार को हुई बारिश के बाद टिकियापारा, बेलगाछिया, दास नगर राम राजातल्ला आदि हावड़ा के क़रीब 30 वार्डों में जल जमाओं की स्थिति हो गई। जो अब तक बनी हुई है और इस जल जमाव को कम होने में 3-5 दिन का समय लगता है ऐसे में यह स्थिति क्यों बनती है। उस पर चर्चा की गई जिसमें साफ़ निष्कर्ष निकाला गया कि प्लास्टिक का इस्तेमाल लोग सबसे ज़्यादा करते हैं और ऐसे में नालियों में वह जाकरजब जाता है और नालियां जाम हो जाती है। ऐसे में अरूप राय ने इंजीनियरों को इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
जलजमाव के साथ करंट का खतरा
शहर के टिकियापाड़ा, बाजलपाड़ा, शिवपुर ट्राम डिपो, रेलवे कॉलोनी, जीटी रोड, बामनगाछी, बेलूड़ स्टेशन रोड समेत नगर निगम के कई स्थानों पर बारिश खत्म होने के बावजूद जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही बिजली के तार के फैले जाल के कारण करंट फैलने का खतरा अलग। कई स्थानों पर बिजली के खंभों से तार टूटकर गिरा रहता है। इससे पानी में अक्सर करंट का फ्लो होने का खतरा मंडराता रहता है। इसे देखने वाला कोई नहीं है। वहीं गोलाबाड़ी, बांधाघाट, पिलखाना, मार्टिन ब्रिज, शिवपुर आदि कई इलाकों में बिजली के नंगे तार बेतरतीब लटके हुए हैं। मार्टिन ब्रिज के पास इन्हीं नंगे तारों के बीच सड़क किनारे रहनेवाले बच्चे नहाते हुए नजर आये।
जलजमाव, बीमारी का बना रहता है डर
कब से जलजमाव है? इस सवाल पर बामनगाछी के राजेश सिंह, संजय सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि यहां बारिश न होने के बाद भी जलजमाव रहता है। सड़क पर आये दिन नाली का पानी आपको फैला दिखेगा। हम पूरे साल बीमारी के डर के साये में रहते हैं। जलजमाव के कारण शाम होते ही घर से बाहर नहीं निकल पाते। जिले में पिछले दो माह से बारिश नहीं हुई है। फिर भी जलजमाव की समस्या है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही। यह स्थिति बारिश के कारण नहीं बल्कि लापरवाही के कारण उत्पन्न होती है। प्रत्येक वर्ष का यही रोना है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगर निगम प्रशासन का रवैया उदासीन है।
क्या कहना है बोर्ड ऑफ एडमिस्ट्रेटर का
इस बारे में न​गर निगम के बोर्ड अॉफ एडमिनिस्ट्रेटर के चेयरपर्सन अरूप राय ने कहा कि हावड़ा नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से उन इलाकों का परिदर्शन किया जायेगा जहां पर इस तरह के नंगे तार झूल रहे हैं। ऐसे में ड्रेनेज सिस्टम को भी ठीक करने के लिए निगम तत्पर है।

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