महानगर में अवैध कॉल सेंटरों पर होगा सर्जिकल स्ट्राइक

  • कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने सभी थाना के ओसी और डीडी अधिकारियों को दिया निर्देश
  • कॉल सेंटर संचालकों से संपर्क रखने वाले पुलिस कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
  • चीन के हवाला कारोबारियों की मदद से कोलकाता आते हैं रुपये

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूरी दुनिया कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रही है, वहीं महानगर में बैठे अंतरराष्ट्रीय जालसाज धड़ल्ले से विभिन्न देशों में ठगी का धंधा चला रहे हैं। कम समय और आसानी से ज्यादा रुपये कमाने और लैविश लाइफ स्टाइल जीने की चाह में ऐसे कॉल सेंटर महानगर के विभिन्न इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। महानगर और आसपास के इलाकों में सक्रिय इन अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ नकेल कसने के लिए कोलकाता पुलिस पूरी तरह से तैयार हो गयी है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में कोलकाता पुलिस कमिश्नर सौमेन मित्रा ने सभी थाना प्रभारियों और डीडी के अधिकारियों को अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस हाॅल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने पुलिस कर्मियों को कहा कि विभिन्न इलाके में चल रहे कॉल सेंटरों के किलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर जांच के दौरान किसी कॉल सेंटर के संचालक के साथ किसी भी पुलिस कर्मी के संबंध पाए जाते हैं तो उक्त पुलिस कर्मी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के इस निर्देश के बाद सभी थाना प्रभारी अपने इलाके में अवैध तरीके से चल रहे कॉल सेंटर के बारे में जानकारी इकट्टा करने के अलावा उनके खिलाफ कार्रवाई करने में भी लग गए। विभिन्न थानों को डीडी के एआरएस और साइबर क्राइम थाने के अधिकारी भी अभियान चलाने में मदद कर रहे हैं।
कोलकाता, न्यूटाउन और सॉल्टलेक में 500 से अध‌िक कॉल सेंटर
महानगर और आस-पास के इलाके में चलने वाले कॉल सेंटरों में काम करने वाले युवा ज्यादा पढ़े – लिखे नहीं होते हैं। उन्हें फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना आता है जिस कारण वे आसानी से विदेशी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कोई पॉश अपार्टमेंट, कोई साइबर कैफे तो कोई घनी आबादी वाले इलाके का फायदा उठाकर कॉल सेंटर के इस गोरखधंधे को चला रहा है। आलम यह है कि इन जालसाजों की वजह से विभिन्न देशों में भारत की छ‌वि धूमिल होती जा रही है। आईटी विशेषज्ञों की मानें तो कोलकाता, सॉल्टलेक व अन्य इलाकों में कॉल सेंटर का धंधा मिनी इंडस्ट्री का रूप ले चुका है। इन इलाकों में 500 से अधिक अवैध कॉल सेंटर चल रहे हैं। इस पर लगाम लगाना शायद मुश्किल है क्योंकि अब तो इस गिरोह के सदस्य अपने घरों में बैठा कर या फिर चलती कार में बैठकर विदेश में बैठे लोगों को चूना लगे रहे हैं।
चाइनीज हवाला कारोबारियों की मदद से मंगाये जाते हैं ठगी के रुपये
सूत्रों के अनुसार कॉल सेंटर के जालसाजों का संपर्क विभिन्न देशों में बैठे लोगों के साथ होता है। इन्ही लोगों के जरिए ठगी का यह गोरखधंधा चला रहा है। दरअसल किसी व्यक्ति के अकाउंट से रुपये विदेश में मौजूद अपने दोस्त के अकाउंट मे ट्रांसफर करते हैं। इसके एवज में उसका दोस्त सिर्फ 50 प्रतिशत रुपये ही उसे देता है। इसके अलावा हवाला कारोबारी के जरिए रुपये विदेश से भारत लाया जाता है। खासतौर पर अमीरीका और ब्रिटेन के नागरिकों से ठगे जाने वो रुपये जालसाज चाइनीज हवाला कारबारियों की मदद से कोलकाता लाते हैं। ठगी के दौरान जालसाज में से कोई बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर करता है तो कोई कैश कार्ड या विभिन्न ई-कॉमर्स कंपन‌ियों के गिफ्ट कार्ड के जरिए 400 से 500 डॉलर का पेमेंट लेकर लोगों को चूना लगाते हैं। हालांकि जालसाजों को प्रति डॉलर पर 40 रुपये ही मिलते हैं। अगर उन्होंने किसी बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर क‌िये तो ठगी के रकम का आधा रकम ही उन्हें मिलेगा। वहीं अगर कैश कार्ड या गिफ्ट कार्ड के जरिए ठगी की गयी तो 40 से 50 रुपये प्रति डॉलर तक हुंडी के जरिए जालसाजों तक पहुंचता है।
क्या कहना है पुलिस का
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि साइबर क्राइम थाने की ओर से आए दिन अभियुक्तों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। पुलिस ने अब तक दर्जनों अवैध कॉल सेंटर चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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