दमदम में दो अध्यापकों के बीच है दिलचस्प मुकाबला

ये हैं उम्मीदवार – ब्रात्य बसु (तृणमूल), प्रो. बिमल शंकर नंदा (भाजपा), पलाश दास (माकपा)
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दमदम विधानसभा क्षेत्र में इस बार दो अध्यापकाें के बीच दिलचस्प चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। भाजपा ने दमदम से प्रो. बिमल शंकर नंदा को चुनावी मैदान में उतारा है जबकि तृणमूल की ओर से यहां हेवीवेट नेता व प्रोफेसर ब्रात्य बसु उम्मीदवार हैं। वहीं माकपा की ओर से पलाश दास को चुनावी मैदान में उतारा गया है जो कि सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।
विधानसभा क्षेत्र पर एक नजर
पूरी दमदम नगरपालिका और साउथ दमदम नगरपालिका के वार्ड नं. 1 से 17 को मिलाकर दमदम विधानसभा क्षेत्र बना है। यह क्षेत्र दमदम लोकसभा में आता है जहां लगभग 2,32,545 मतदाता हैं। यहां लगभग 10-15% हिन्दीभाषी और लगभग 5% अल्पसंख्यक रहते हैं जब​कि बाकी आबादी बंगालियों की है।
एक नजर में पिछले नतीजे
कांग्रेस के लाल बहादुर सिंह ने 1972 में यहां से चुनाव जीता था। वहीं माकपा के तरुण कुमार सेनगुप्ता ने 1962, 1967, 1969 और 1971 में चुनाव जीते। वर्ष 1951 में स्वतंत्र भारत के पहले चुनाव में कांग्रेस के कनाई लाल दास ने यहां से जीत हासिल की थी। माकपा के शांति रंजन घटक ने 1982 में कांग्रेस के लाल बहादुर सिंह और 1987 में कांग्रेस के हर्षित घोष को पराजित किया था। वहीं माकपा उम्मीदवार शंकर सेन ने 1991 में कांग्रेस के रमेश भट्टाचार्य और 1996 में कांग्रेस के निताई घोष को हराया था। वर्ष 2001 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल के अरुणाभ घोष ने माकपा के अजीत चौधरी को हराया था। इसी तरह 2006 के विधानसभा चुनाव में माकपा की रेखा गोस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल उम्मीदवार उदयन नम्बूदरी को हराया था।
2016 में ये थे नतीजे
उम्मीदवार पार्टी वोट प्रतिशत
ब्रात्य बसु तृणमूल 81,579 46.73%
पलाश दास माकपा 72,263 41.39%
उमा सिंघा भाजपा 14,550 8.33%
2019 में तृणमूल थी आगे
2019 के लोकसभा चुनाव में दमदम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल ही आगे थी। दमदम लोकसभा से तृणमूल उम्मीदवार सौगत राय को यहां से 76,526 वोट मिले थे जबकि भाजपा उम्मीदवार शमीक भट्टाचार्य को 71,414 वोट मिले थे। वहीं माकपा उम्मीदवार नेपालदेव भट्टाचार्य को यहां से 22,600 वोट मिले थे।
क्या कहते हैं उम्मीदवार
तृणमूल उम्मीदवार ब्रात्य बसु को ममता बनर्जी के 10 वर्षों के कार्यों पर पूरा भरोसा है तो वहीं भाजपा उम्मीदवार बिमल शंकर नंदा ने कहा कि स्थायी मुद्दे तो कई हैं जैसे कि तुष्टीकरण, तोलाबाजी और भ्रष्टाचार। इसके अलावा दमदम की भी कई समस्याएं हैं जैसे कि यहां पीने के पानी की समस्या है। कई इलाकों में नाले आज भी खुले हुए हैं। यहां चिकित्सा व्यवस्था भी ठीक नहीं है, एक अस्पताल की यहां अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने जीत के प्रति शत – प्रति भरोसा जाहिर किया। वहीं माकपा उम्मीदवार पलाश दास 2019 के लोकसभा चुनाव में भी चुनाव लड़ चुके हैं।

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