कोविड के जाने में है देरी, थर्ड वेव आती भी है तो अधिक घातक होने की संभावना नहीं

30%-40% को लग चुकी है वैक्सीन, 60% तक हो चुके हैं संक्रमित
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः देश में 61 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोविड-19 वैक्सीन के डोज दिये जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 18 साल से ज्यादा उम्र के 50% लोगों को पहला डोज दिया जा चुका है। इसके अलावा 15% लोगों को दोनों ही डोज लग चुके हैं। डॉ. रजत बसु ने कहा कि कोरोना वायरस कब तक रहेगा कुछ कहा जाना संभव नहीं है। हालांकि जागरूकता से हम इस पर रोकथाम करने में सक्षम हो चुके हैं। आईसीएमआर के पिछले सेरो सर्वे में खुलासा किया गया था कि जनसंख्या के 60% लोग कोविड से संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में यदि इतनी जनसंख्या कोविड से संक्रमित हो चुकी है, 30%-40% लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, तो फिर अधिक डरने की बात नहीं है। इसकी वजह है कि यदि कोरोना वायरस का थर्ड वेव आती भी है, तो यह अधिक प्रभाव नहीं डालेगा, ऐसा ही विशेषज्ञों की राय से पता चल रहा है।
पहले स्टेज में अधिक उम्र, दूसरे में युवा तो क्या तीसरे स्टेज में बच्चों पर प्रभाव?
डॉ. रजत बसु ने कहा कि विशेषज्ञ कोविड के थर्ड वेव को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस वेव में बच्चों पर अधिक प्रभाव पड़ सकता है। इसकी वजह है कि पहले स्टेज में कोरोना ने अधिक उम्र के लोगों, दूसरे में युवाओं पर अधिक प्रभाव डाला था। यही कारण है कि विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि थर्ड वेव आती है तो बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इस पर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। संभावना है कि सितंबर या अक्टूबर में थर्ड वेव दस्तक दे सकती है।
आईएमए दक्षिण कोलकाता के अध्यक्ष डॉ.आर.डी. दुबे ने कहा कि अभी यह कहा जाना काफी जल्दबाजी होगी कि कोरोना वायरस इंडेमिक स्टेज में है। दरअसल हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि भारत अब इंडेमिक (स्थानिकता) की स्टेज में प्रवेश कर रहा है। स्थानिकता का अर्थ यह नहीं है कि अब भारत में कोरोना खत्म होने के कगार पर है। डब्ल्यूएचओ का इशारा एक ऐसी स्थिति की ओर है, जहां कोरोना कभी खत्म नहीं होने वाला है।
क्या है इंडेमिक स्टेज
डॉ.स्वामीनाथन के हाल में दिए एक साक्षात्कार की मानें तो इंडेमिक स्टेज का अर्थ असल में यह हो सकता है कि यह एक ऐसा चरण होगा जबकि जब रोग पैदा करने वाला रोगजनक आबादी तक ही सीमित हो जाता है। इस कारण ऐसी आबादी को बार-बार उस महामारी को झेलना पड़ सकता है। स्वामीनाथन ने देश की आबादी, लोगों में इम्यूनिटी व अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते कोविड के मामलों को देखते हुए यह बात कही है। ऐसे में संभव है कि देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड के उतार-चढ़ाव की स्थिति बरकरार रहे।
बंगाल में वैक्सीनेशन
कुल वैक्सीनेशन-3,80,66,569
पहला डोज-2,74,05,125
दूसरा डोज- 1,06,61,444

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