दुधमुंहा बेटा कहीं संक्रमित न हो जाये, बेबस कोरोना पॉजिटिव पिता उसे लेकर निकल पड़ा घर से

लोगों ने कहा, पिता की मानसिक हालत गयी थी बिगड़
पिता की भावना, अस्पताल के निकट रहने से मिल जायेगा सहारा
अंत में पार्षद ने किया उद्धार
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना। जिसका नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जा रही है। ना जाने कितने परिवारों को इसने उजाड़ दिया, कितनों की मांग पोछ दी और कितनों के सिर से अभिभावक की छांव हटा दी। वहीं एक मामला खास कोलकाता के एल्गिन रोड में हुआ। जहां कोरोना ने एक बाप को ‘पागल’ बना दिया और बाप अपने 7 महीने के बच्चे को लेकर सड़क पर बैठ गया। बताया जा रहा है कि उसका मानसिक संतुलन इतना बिगड़ गया था कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव देखने के बाद उसे कुछ नहीं सूझा और वह बाप अपने बच्चे काे लेकर घर के बाहर निकल गया। बच्चे को लेकर वह बैठा था एसएसकेएम अस्पताल के निकट एल्गिन रोड के फुटपाथ पर। स्थानीय वार्ड नं. 70 के पार्षद असीम कुमार बोस ने पुलिस के सहयोग से बच्चे को उद्धार कर अपने पास ले लिया। पहले लगा कि यह बच्चा किसी और का है तथा खो गया है। उस व्यक्ति ने इसे अपने पास रखा था, लेकिन बाद में माजरा अलग ही निकला।
कोविड पॉजिटिव की खबर सुनते ही खोया मानसिक संतुलन
उक्त बच्चे के अभिभावक अनिर्वान मुखर्जी और शुभ्रा राय मुखर्जी कांकुड़गाछी में रहते हैं। लगभग 10 दिन पहले ही शुभ्रा कोरोना संक्रमित हुई थीं, लेकिन बाद में वह ठीक हो गयीं। इसके बाद ही अनिर्वान की कोविड टेस्ट रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गयी थी जिसकी खबर मिलने के बाद से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। कोरोना के डर से यह सोचे बगैर कि उसका बच्चा भी इससे संक्रमित हो सकता है, अनिर्वान अपने बच्चे को लेकर सड़क पर निकल गया।
पार्षद के दोस्त ने दी पार्षद को सूचना
अनिर्वान अपने 7 महीने के बच्चे बिजू को लेकर शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे घर से निकल गया था और एल्गिन रोड में वह इधर- उधर घूम रहा था। इसके बाद एक स्थान पर अपने बच्चे को लेकर वह फुटपाथ पर बैठ गया। स्थानीय पार्षद असीम बोस के एक दोस्त ने अनिर्वान को बच्चे के साथ बैठा देखा तो उसे कुछ संदेह हुआ। उसने इसकी सूचना पार्षद को दी जिसके बाद पार्षद ने उसे वहीं रोकने के लिए कहा।
बाप ने बताया गलत नाम
ऐसा बताया जा रहा है कि अनिर्वान अपने बेटे को वहीं रखकर जाने की कोशिश में था। हालांकि पार्षद के दोस्त द्वारा रोके जाने पर स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा हो गये थे और उसे वहीं रोककर रखा गया। इसके बाद पुलिस कर्मियों के साथ पार्षद वहां पहुंचे और बच्चे को उद्धार किया। अनिर्वान ने अपना नाम जॉयदीप बसु बताया और कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का वकील है। हालांकि अपना पता वह नहीं बता पा रहा था और कुछ अजीब बातें भी कर रहा था। असीम बोस ने पूरी घटना फेसबुक लाइव पर भी बतायी। इधर, भवानीपुर थाने की पुलिस अनिर्वान को उद्धार कर एसएसकेएम अस्पताल में ले आयी। इसके बाद उसे आमरी में भर्ती कराया गया।
मां ने किया थाने से संपर्क
असीम बोस बच्चे को अपने घर में ही ले आये थे और उन्हें घर में रखा था। इस जद्दोजहद के बीच बच्चे की मां ने पहले फूलबागान थाने में संपर्क किया जहां से पुलिस उसे लेकर भवानीपुर थाने में पहुंची। इसके बाद भवानीपुर थाने के पुलिस कर्मियों के साथ बच्चे की मां पार्षद के घर पहुंची जहां सभी तरह के सबूत दिखाने के बाद अपने बच्चे को लेकर वह अपने घर गयीं।
संक्रमण फैलने की आशंका
इन सबके बीच, अब ये आशंका जतायी जा रही है कि पिता के इस तरह बाहर निकलने के कारण अन्य लोगों में भी संक्रमण फैलने की आशंका है। विशेषकर कई घण्टे तक बच्चा उसके साथ में ही था, ऐसे में बच्चे को लेकर भी डर बना है। हालांकि बच्चे काे वापस उसकी मां की गोद में लौटाकर असीम बोस काफी खुश हैं।

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