चिताएं इतनी जल रही हैं कि निमतल्ला इलाके के आसमान में फैल रहा है धुआं ही धुआं

निमतल्ला में चूल्ही बढ़ाने की मांग
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। हालत कुछ ऐसी हो गयी है कि अब श्मशान घाटों में भी कतारें लगने लगी हैं कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए। हर रोज चिताएं इतनी ज्यादा जल रही हैं कि निमतल्ला इलाके के आसमान में धुआं ही धुआं फैलता नजर आ रहा है जिस कारण इलाके में प्रदूषण का खतरा भी काफी बढ़ गया है। निमतल्ला श्मशान घाट में कोरोना के मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वृहत्तर बड़ाबाजार के उत्तर कोलकाता के एक मात्र श्मशान घाट में बढ़ रहे मृतकों के दाह संस्कार के कारण जिस अनुपात में धुआं निकल रहा है, उससे आस – पास में रहने वाले लोगों का वायु प्रदूषण के कारण जीना दुभर हो गया है।
पास ही है बाबा भूतनाथ का मंदिर
निमतल्ला श्मशान घाट के निकट गंगा नदी के किनारे बाबा भूत नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही दाह संस्कार में आने वाले लोगों को निकलते धुएं के कारण सांस लेने में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।
की गयी चूल्ही बढ़ाने की मांग
इधर, मृतकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निमतल्ला का भार कम करने के लिए प्रेरणा फाउण्डेशन के सचिव पवन टिबड़ेवाल की ओर से चूल्ही बढ़ाने की मांग की गयी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निमतल्ला में 4 चूल्ही का इस्तेमाल कोरोना मृतकों के शवों के लिए किया जाता है जब​कि 4 चूल्ही में सामान्य शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। कोलकाता नगर निगम से मांग की गयी है कि निमतल्ला में चूल्ही कोरोना मृतकों के लिए चूल्ही की संख्या बढ़ाकर 6 की जाए और 4 चूल्ही का इस्तेमाल सामान्य शवों के लिए किया जाये।
रोजाना लगभग 100 शवों के संस्कार के लिए चाहिये चूल्ही
जानकारी के अनुसार, निमतल्ला घाट में रोजाना लगभग 100 शवों के अंतिम संस्कार के लिए चूल्ही की व्यवस्था आवश्यक है। इस कारण ही चूल्ही की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 करने की मांग की गयी है। फिलहाल पूरी व्यवस्था नहीं हाेने के कारण रोजाना शवों की कतारें घाट पर लग जा रही हैं। हर रोज 100 के तकरीबन कोरोना मृतकों के शव केवल निमतल्ला घाट में आ रहे हैं, लेकिन 4 चूल्ही में अधिकतम 70 शवों के संस्कार की व्यवस्था है। ऐसे में हर रोज 30-40 और कभी – कभी तो उससे अधिक लम्बी कतारें लग जा रही हैं।
क्या कहना है प्रदूषण बोर्ड का
पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डॉ. कल्याण रुद्र ने सन्मार्ग से कहा, ‘इतनी संख्या में शव जल रहे हैं कि धुआं निकलेगा और प्रदूषण फैलने का खतरा भी रहेगा। हालांकि इसे लेकर हमारे पास कोई शिकायत नहीं आयी है, ​शिकायत आयी तो हम देखेंगे।’
प्रदूषण को लेकर की गयी निगम में शिकायत
इधर, मिथिला विकास परिषद के अशोक झा ने कोलकाता नगर निगम के एडमिनिस्ट्रेटर फिरहाद हकीम समेत स्थानीय विधायक शशि पांजा, स्थानीय कोऑर्डिनेटर विजय उपाध्याय को पत्र लिख कर ध्यान आकृष्ट कराया है। अशोक झा ने कहा कि श्मशान घाट पर धुएं के कारण काफी समस्या हो रही है।

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