भाड़े को लेकर आज परिवहन विभाग के साथ संगठन की हो सकती है बैठक

सरकार की घोषणा के बाद भी नहीं उतारी गयी है बसें
यात्रियों को हो रही है बेहद परेशानी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : 1 जुलाई से राज्य सरकार ने 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ बसें उतारने की अनुमति दे दी है बावजूद इसके भारी संख्या में बसें रास्तों से नदारद है। इसका मुख्य कारण बस भाड़ा है। बस संगठन किराये वृद्धि की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार ने अभी तक हरी झंडी नहीं दी है। आज सोमवार को इस संबंध में परिवहन विभाग के साथ विभिन्न बस संगठनों की बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम व विभागीय वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहेंगे। वहीं बस संगठनों ने बताया कि अभी तक इस बैठक को लेकर उनके पास कोई अधिकारिक रूप से सूचना नहीं आयी है। अगर उन्हें बुलाया जाता है तो वे जरूर इस बैठक में जायेंगे।
क्या कहना है बस संगठनों का
ऑल बंगाल बस मिनी बस समन्वाय समिति के जनरल सेक्रेटरी राहुल चटर्जी ने कहा कि अभी कई जगहों पर भाड़े के नाम पर तोलाबाजी चल रही है। 170 रु. जो किराया है उसके बदले 500 रु. तक लिये जा रहा है। खासकर दीघा, कंटाई, हावड़ा स्टेशन, धर्मतल्ला से ऐसी शिकायतें आ रही है। वहीं जो बसें उतरी हैं वे पहले से ज्यादा किराया यात्रियों से ले रहे हैं और यात्री दे भी रहे हैं, ऐसे में इसे ही सरकार क्यों नहीं रेगुलाइज कर दे रही है? पिछले साल परिवहन विभाग द्वारा भाड़ा को लेकर एक लिखित रूप से देने की बात थी जो कि अभी तक नहीं दी गयी। उन्होंने कहा कि अगर बैठक में बुलाया जाता है तो जरूर जायेंगे। ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट के महासचिव तपन कुमार बनर्जी ने कहा कि बैठक में निश्चित रूप से बस भाड़ा वृद्धि की मांग को फिर से उठायेंगे। वेस्ट बंगाल बस एंड मिनी बस आनर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारायण बोस ने कहा कि अभी तक बैठक में आने के लिए कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है।

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