संक्रांति पर भी बंद रखना पड़ा बाजार, आलमबाजार के व्यवसायी हैं क्षुब्ध

रविवार को बाजार बंद रखने से हुआ उन्हें भारी नुकसान
बारानगर पालिका लेगी इस पर विचार कर फैसला
बारानगर : बारानगर पालिका क्षेत्र में कोविड के बढ़ते मामलों और नियमित कंटेन्मेंट जोन की संख्या को बढ़ते देखते हुए पालिका की ओर से कड़ा फैसला किया गया था और पिछले ​10 दिनों से पालिका क्षेत्र में सप्ताह में 4 दिन बाजार बंद रखवाया गया जिसको लेकर अंचल के आलमबाजार के व्यवसायियों को भारी नुकसान पहुंचा। उनका आरोप है कि जहां अंचल की अन्य पालिकाएं 2 दिन बाजार बंद रख रही हैं वहीं इस पालिका क्षेत्र में 4 दिन बाजार बंद रखवाया गया यहां तक कि मकर संक्रांति के उत्सव व आज रविवार को भी छूट नहीं दी गयी। इसका उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है। कारण है कि इस बाजार में लगभग 500 से अधिक व्यवसायी कच्ची सामग्री के व्यवसाय से जुड़े हैं जिनकी सब्जियां और फल बंधे रह जान से सड़ गये। वहीं व्यवसायियों का आरोप है कि पालिका प्रतिनिधियों ने बिना उन्हें पूर्व सूचना दिये ही और बिना उनसे बातचीत किये ही नियमों को लागू कर दे रहे हैं। अभी भी कहा जा रहा है कि सप्ताह में 2 दिन बाजार बंद रखे जायेंगे जिसमें एक दिन रविवार होगा जबकि वे लोग रविवार को बाजार बंद रखने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इस एक दिन में उनकी अच्छी आय होती है और रविवार या फिर त्योहार में बंदी रखने से उन्हें जो नुकसान हो जाता है उसकी भरपाई नहीं हो पाती है।
क्या कहना है आलमबाजार के व्यवसायी वर्ग व स्थानीय लोगों का
आलमबाजार व्यवसायी समिति के सचिव सुदीप दास ने कहा कि संक्रांति के दिन जहां इस हिंदीभाषी बहुल इलाके में खरीददारों की भीड़ जुटती थी और लोग यहां पड़ते में खरीदारी कर पा रहे थे वहीं इसदिन यह बाजार सूना पड़ा रहा। शनिवार के बाद रविवार को भी यहां बंदी का जबरन पालन करवाया जा रहा जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। कोविड की परिस्थितियों से हम सभी अवगत हैं अतः जरूरी है कि व्यवसायियों से बातचीत कर आगे बाजार बंद रखने का निर्णय लिया जाये। उन्होंने कहा कि यहां के व्यवसायियों के लिए रविवार को बाजार बंद रखने से काफी नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि इस एक दिन स्टोर की गयी चीजों को ज्यादातर हिस्सा बिक जाता है। दूर-दूर से अन्य व्यवसायी भी यहां से सब्जियां, फल व अन्य सामग्रियां ले जाते हैं और अपनी बाजारों में बेचते हैं अतः इसदिन और उत्सव के दिन बाजार बंद रखने के पक्ष में हम नहीं हैं। वहीं समिति के बाहरी संगठन ने प्रतिनिधि नरेन रंग ने कहा कि पालिका ने बंद पालन को लेकर दोहरा मापदंड अभी तक रखा है अतः ऐसा आगे नहीं होना चाहिए। हम चाहते हैं कि बाजार बंद रखा जाये मगर हमारी सहूलियत का भी ध्यान रखा जाये। सुनने में आ रहा है कि पालिका रविवार व गुरुवार को बंद रखने जा रही है मगर हम चाहते हैं कि रविवार के दिन बाजार बंद ना रखकर अन्य कोई एक दिन बंद किया जाये। वहीं संक्रांति पर आलमबाजार घाट पर पुण्यस्नान करने पहुंचे लोगों व स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के दिन बाजार खुले रखने से उन्हें काफी सहूलियत होगी। आखिरकार इसदिन को लेकर उन्हें अन्य जगहों पर जाकर बाजार करना ही पड़ा है। उन्होंने कहा कि कड़ाई करते हुए बाजारों को निर्धारित समय पर खोला जा सकता था।
सभी पक्षों की सहमति से पालिका लेगी आगे निर्णय
बारानगर पालिका प्रशासक मंडली के सदस्य दिपील नारायण बोस ने कहा कि आगे बाजारों को बंद रखने को लेकर पालिका सभी पक्षों के साथ बैठक कर रही हैं और इसके बाद ही आगे निर्णय लिया जायेगा। फिलहाल कोई नया निर्देश लागू नहीं किया गया है।

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