चुंचुड़ा के काबुलीवालों ने कहा, विकास करें तो हर्ज नहीं तालिबानियों से

देश चलाने के लिए हथियार नहीं शिक्षा की जरूरत होती है जो अफगानियों से मिलेगी तालिबानियों को
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता/चुंचुड़ा : दशकों पहले अफगानिस्तान से यहां हुगली के चुंचुड़ा में बसे काबुलीवालों का कहना है कि अगर अफगानिस्तान में विकास होता है तो तालिबानी शासन से किसी को हर्ज नहीं होना चाहिए। दरअसल चुंचुड़ा के चकबाजार में काबुली कोठी में दर्जन भर से अधिक काबुलीवाले दशकों से रहते आ रहे हैं। एक लंबे अरसे से वे यहां जीवन यापन कर रहे हैं लेकिन उनके पूर्वज अभी भी अफगानिस्तान में हैं। वहां रहने वालों में आइनुद्दीन खान और जामाल खान ने बताया कि इस स्थिति में उनका मानना है कि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है। उन्होंने कहा कि तालिबानी सरकार अगर अफगनिस्तान में शासन करने के लिए आतुर है तो उसमें गलत भी नहीं है। सरकार बंदूक हाथ में लेने से नहीं चलती है बल्कि ​शिक्षा और तकनीक से चलती है जो तालिबान के लोगों के पास नहीं है। अब अगर अफगानिस्तान में उन्हें इसका अवसर मिल रहा है तो गलत नहीं मानना चाहिए। अगर अफगानिस्तान के लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान नहीं मिलता है तो बेशक तालिबान को वहां शासन करने का अधिकार नहीं है।

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