36 घण्टे में अस्पताल ने मृतक का बना दिया 12 लाख का बिल

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती करने का समय केवल 36 घंटे 14 मिनट है। हालांकि शव को अस्पताल से बाहर निकालते समय मृतक के परिजनों को अस्पताल ने करीब 12 लाख रुपये का बिल सौंपा। ढाकुरिया स्थित निजी हॉस्पिटल पर ऐसे ही आरोप लगे हैं। आरोप है ‌कि 56 वर्षीय असीम दत्त को 14 मई को दोपहर 12:17 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 16 मई की दोपहर 2.30 बजे उनकी मौत हो गई। मृतक के एक रिश्तेदार असित दास ने कहा, ‘कोरोना से बीमार पड़ने के बाद मैंने उसे दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में हालत बिगड़ने पर अन्य सहारे की जरूरत पड़ी। ऐसे में हमने ढाकुरिया ‌स्थित अस्पताल से संपर्क किया।
असित दास का दावा है, “मुझे अस्पताल ने बताया था कि उनका एकमो हो सकता है। लेकिन लागत बहुत है। उन्होंने हमें एक अनुमान दिया था कि 21 दिनों के लिए 41 लाख लग सकते हैं। हमने तीन लाख रुपए एडवांस भी दिया था, लेकिन 36 घंटे के अंदर हमारे रिश्तेदार की मौत हो गई। मुझे लगा कि हमें कुछ पैसे वापस मिल जाएंगे। लेकिन जब हम डेथ सर्टिफिकेट लाने गए तो हमारे सिर पर हाथ था। बिल की राशि 11 लाख 93 हजार 60 रुपए थी। मुझे समझ में नहीं आता कि इसकी इतनी कीमत क्यों है। मुझे नहीं पता कि बिल सही है या गलत। इतना बिल होने पर आम लोग इलाज नहीं करा पाएंगे।
अस्पताल का कहना है कि एकमो पर शुरुआत में कुछ दिनों के लिए लागत बहुत अधिक होती है। बाद में यह धीरे-धीरे कम होता जाता है। लोगों को यह जानने की जरूरत है। आधुनिक विज्ञान कहता है कि पीड़ितों को अंतिम क्षण में बचाने का अंतिम प्रयास एकमो समर्थन है। वह महंगा है। हालांकि, हम पूरे बिल की समीक्षा करेंगे।”
हालांकि दत्त परिवार को यह समझ नहीं आ रहा है कि इस जांच के आश्वासन से उन्हें कोई फायदा होगा या नहीं।

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