वर्क फ्रॉम होम का असर, मेट्रो में पीक आवर में भी कम हुई यात्रियों की संख्या

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोरोना की तीसरी लहर डरा रही है। तेजी से संक्रमण फैलता जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से कई पाबंदियां लागू की गयी हैं जिसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम पर अधिक जोर दिया जा रहा है। कई कार्यालयों में 50% या उससे भी कम कर्मचारियों के साथ काम किया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों पर भी लोगों ने बेवजह निकलना कम कर दिया है। इन सबका असर दिख रहा है मेट्रो पर। जिस मेट्रो ट्रेन में पीक आवर के समय में पैर रखने की भी जगह नहीं होती है, वह मेट्रो अब काफी खाली जा रही है। इसका कारण टोकन सिस्टम को पुनः बंद करना भी माना जा रहा है। न्यू ईयर ईव यानी 31 दिसम्बर को मेट्रो में लगभग 3,64,539 यात्रियों ने यात्रा की थी। सबसे अधिक फुटफॉल दमदम में (49,484) दर्ज किया गया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बुकिंग काउंटर भी खोले गये थे। इससे पहलेे क्रिसमस के दिन यानी 25 दिसम्बर को भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही थी। मेट्रो में क्रिसमस के दिन 4,33,619 यात्रियों ने यात्रा की थी। इस दिन भी सबसे अधिक फुटफॉल दमदम मेट्रो स्टेशन (59,179) दर्ज किया गया था और इस दिन भी अतिरिक्त बुकिंग काउंटर खोले गये थे। 6 अतिरिक्त सर्विस भी चलायी गयी थी ताकि भीड़ कम रहे। हालांकि पिछले कुछ ही दिनों में मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम हो गयी है। क्रिसमस के दिन की तुलना में गत गुरुवार को यात्रियों की संख्या आधी थी। गत गुरुवार को मेट्रो में 2,19,428 यात्रियों ने यात्रा की। वहीं शुक्रवार के दिन भी कम संख्या में ही यात्रियों ने मेट्रो की सवारी की। इस दिन शाम 7 बजे तक केवल 1,84,000 यात्रियों ने मेट्रो में सवारी की। सुबह 11 बजे जब मेट्रो में खचाखच भीड़ रहती है, उस समय मेट्रो की अलग ही तस्वीर नजर आयी। लेडीज सीट पूरी तरह खाली दिखी और जनरल सीट पर भी अन्य दिनों की तुलना में कम लोग ही थे। बताया जा रहा है कि भीड़ काे कम करने के लिए ही टोकन सिस्टम बंद किया गया है और इसका असर भी देखने को मिल रहा है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

गुरुवार को कीजिए ये उपाय, भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी भी होंगी प्रसन्न

कोलकाता :  हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के सभी सातों दिन किसी ना किसी भगवान, देवी-देवता से संबंधित माने गए हैं। इसी कड़ी में आगे पढ़ें »

ऊपर