महानगर में महिला के ब्रेन डेड से कइयों को नवजीवन

14 साल के किशोर के चेहरे पर फैली मुस्कान
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाताः महानगर में अंग प्रत्यारोपण से दो को नवजीवन मिला। रूबी जनरल अस्पताल में शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल एक महिला के ब्रेन डेथ की घोषणा की गयी। परिवार अंगदान के लिए राजी हो गया। यह इस संदर्भ में था कि ब्रेन डेड से अंगदान के लाभ के लिए तीन लोगों को नए जीवन की दिशा दिखाई देने लगी। अंग प्रत्यारोपण सर्जरी देर रात तक चली। यह इस साल का छठवां अंग प्रत्यारोपण है। जानकारी के मुताबिक चंदननगर की बिथिका घोषाल (38) पति के साथ बाइक पर शादी में जाने के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। हालांकि हादसा इतना भयानक नहीं था, लेकिन महिला के सिर में गंभीर चोट आई। उन्हें उस रात रूबी जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई प्रयासों के बाद, डॉक्टरों को आखिरकार शुक्रवार की सुबह समझ में आया कि महिला को बचाना संभव नहीं था, क्योंकि वह ब्रेन डेड हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसके पति प्रदीप को मरीज की हालत के बारे में बताया। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक प्रदीप को लगा कि जब उनकी पत्नी नहीं मिल सकती है, तो बेहतर है कि किसी और का जीवन पुनर्जीवित किया जाए। उन्होंने अंगदान के लिए सहमति देने में संकोच नहीं किया। इस प्रकार अंग प्राप्तकर्ताओं की तलाश शुरू हुई। तीन प्राप्तकर्ताओं को रक्त समूह और मानव ल्यूकोसाइट एंटीजन (एचएलए) के संयोजन से चुना गया था। इनमें से दो को किडनी और एक को लीवर प्रत्यारोपण की जरूरत थी। एक किडनी एसएसकेएम और एक चार्नक हॉस्पिटल में इलाज करा रहे किडनी फेल्योर के दो मरीजों को दी गई। लीवर आरएन टैगोर हॉस्पिटल में प्रत्यारोपण के लिए भेज दिया गया। शुक्रवार रात 10 बजे के बाद अंग प्रत्यारोपण की प्र‌क्रिया शुरू की गई।
ग्रीन कॉरिडोर से अंग पहुंचे अस्पताल
कोलकाता पुलिस की पहल पर रूबी हॉस्पिटल से तीन अंग ग्रीन कॉरिडोर के जरिए शहर के तीन अस्पतालों में पहुंचे। चार्नक हॉस्पिटल में 14 साल के किशोर मो.तरवेज को किडनी की जरूरत थी। चार्नक हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजिस्ट की टीम ने देर रात 2 बजे से अंग प्रत्यारोपण शुरू किया। शनिवार तड़के सुबह तक सर्जरी चली। डॉ. मोहन सील, डॉ.रंजन दे, डॉ.पियाली सरकार, डॉ. जयंत दत्ता, नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉ.देवव्रत भट्टाचार्य, एनेस्थियासिस्ट व अन्य ने सर्जरी को सफल बनाया।
इस पर नजर
ब्रेन डेड- बिथिका घोषाल (चंदननगर)
किडनी प्रत्यारोपण- (एसएसकेएम व चार्नक हॉस्पिटल में)
लीवर प्रत्यारोपण- आर एन टैगोर हॉस्पिटल में

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