मां की आंखों के आंसू ने भाजपा में जाने से रोका : ज्योतिर्मय

ज्योतिर्मय डोमजुड़ के एक नंबर ग्राम पंचायत सलप के उपप्रधान है
राजीव के खिलाफ टीएमसी उम्मीदवार को विजयी बनाएंगे
हावड़ा : तृणमूल छोड़ कर भाजपा में आए पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी का अनुकरण करते हुए कमल का फूल थामने के फैसले को मां की आंखों में आए आंसुओं के कारण बदलना पड़ा। ज्योतिर्मय घोष ने भाजपा में जाने का मन बना लिया था, लेकिन उनकी मां दुर्गा घोष के अड़ जाने के कारण उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा। डोमजुड़ के एक नंबर ग्राम पंचायत सलप के उपप्रधान ज्योतिर्मय घोष ने भाजपा में जाने का मन बना लिया था। वे पूर्व मंत्रीराजीव बनर्जी के समर्थक हैं। अलबत्ता क्षेत्र में वेगोपाल घोष के नाम से ही परिचित हैं। राजीव बनर्जी जब तृणमूल से अलग होने के बाद आग उगल रहे थे उस समय गोपाल घोष उनके साथ कदम से कदम मिला कर चल रहे थे। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर के तृणमूल कांग्रेस की सरकार के खिलाफ आरोप लगाए थे। भाजपा का उत्तरीय पहनना भी शुरू कर दिया था। उन्होंने जैसे ही अपनी मां को अपने फैसले के बारे में बताया वे मुखर हो उठी और आंखों से आंसू झरने लगे। इधर उनकी मां की आंखों का आंसू था और दूसरी तरफ उनका विवेक। ये दोनों भारी पड़ गए और उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला बदल दिया। अब कहते हैं कि तृणमूल में रह कर ही डोमजूड़ से टीएमसी के उम्मीदवार को विजयी बनाएंगे। उनकी मांदुर्गा घोष ने कहा कि ममता अपने नाम के मुताबिक ममता मय है। मंत्री अरूप राय ने कहा कि अगर गोपाल घोष को अपनी गलती का अहसास होता है तो यह अच्छी बात है?

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