स्कूलों ने कहा – सही समय पर सही निर्णय है सिलेबस कटौती

कोलकाता : कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए बीते दिनों राज्य सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया कि 2021 में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के सिलेबस में 30 – 35 % तक कटौती की जायेगी। इसकी घाेषणा शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी द्वारा की गयी है। सरकार द्वारा लिये गये इस फैसले का सभी स्कूलों ने स्वागत किया है। स्कूलों की ओर से कहा गया है कि सिलेबस में कटौती के कारण बच्चों की शिक्षा पर असर तो पड़ेगा पर परिस्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है।

सरकार के निर्णय का स्कूलों ने किया स्वागत

बालिका शिक्षा सदन की टीचर इन चार्ज शर्मिष्ठा चौधरी ने बताया कि कोरोना काल के कारण हो रही ऑनलाइन क्लासेज में आधे छात्र क्लास ही नहीं करते हैं। ऐसे में यदि पूरा ​सिलेबस होता तो यह दिक्कत की बात होती। इसलिए सरकार ने जो भी निर्णय लिया है वह परिस्थितियों काे देखते हुए लिया गया बिल्कुल सही फैसला है।

इसका असर बच्चों की शिक्षा पर तो पड़ेगा, लेकिन मौजूदा स्थितियों को देखते हुए इसके अलावा कोई और रास्ता भी नहीं है। टांटिया हाई स्कूल की ओर से प्रधानाचार्य अजय कुमार पांडेय ने बताया कि कोरोना के कारण करीबन 8 महीने से स्कूल बंद हैं। ऑनलाइन क्लासेज तो हो रहे हैं, लेकिन फिजिकल क्लासेज को ऑनलाइन से पूरा नहीं किया जा सकता है इसलिए सरकार ने जो निर्णय लिया, वह उचित है। वहीं श्री जैन विद्यालय, हावड़ा के हिन्दी विभाग के हेड संतोष कुमार तिवारी ने भी सरकार की इस कदम की सराहना की है।

सिलेबस में होनी चाहिए 50% तक कटौती

रिसड़ा विद्यापीठ विद्यालय के प्रिंसिपल प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए सिलेबस में 30 – 35% के बजाय 50% तक कटौती की जानी चाहिए थी। लॉकडाउन में यूं ही कई महीने क्लास नहीं हुए और उसके बाद ऑनलाइन क्लासेज शुरू तो हुए लेकिन ऑनलाइन क्लास में बच्चों को अच्छे से पढ़ाना सम्भव नहीं है। ऐसे में 3 महीने में 8 महीने का सिलेबस कैसे पूरा हो सकता है इसलिए 50% तक कटौती होनी चाहिये थी।

परीक्षा के बाद कटौती किए गए सिलेबस पढ़ाए जाएंगे छात्रों को

मारवाड़ी बालिका विद्यालय की ओर से छात्रों के भविष्य के बारे में सोचते हुए एक सराहनीय कदम उठाया गया है। इस स्कूल की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि कोरोना को देखते हुए जो भी सिलेबस काटे जा रहे हैं, उसे वह परीक्षा के बाद छुट्टियों में पढ़ाएंगे। इस बात की जानकारी विद्यालय की सचिव सुधा जैन ने दी। उन्होंने बताया कि जो भी सिलेबस की कटौती की जा रही है उसका बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा, इसलिए उनके भविष्य के बारे में सोचते हुए यह निर्णय लिया गया है। हमारे स्कूल के सभी शिक्षकों ने भी इसके लिए सहमति जतायी है।

 

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