बंगाल की राजनीति में मिलने वाली है शुभेंदु को बड़ी ज़िम्मेदारी…

कोलकाता : बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी को दुबारा खुद को मैदान में तैनात करने में एक महीने से ज्यादा का वक्त लग गया। 7 जून को प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने रिव्यू मीटिंग बुलाई थी। बता दें कि इस बैठक में मुकुल रॉय और राजीब बनर्जी नहीं पहुंचे थे। इस बीच इस बैठक से एक दिन पहले बीजेपी नेता और विधायक शुभेंदु अधिकारी  दिल्ली पहुंचे। इन दौरान वे वहां केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र सिंह तोमर से मिले। इसके अलावा अधिकारी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से वन टू वन मुलाकात की। साथ ही दो दिनों में वो दो बार गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले।

दिलचस्प बात ये है कि बंगाल में भाजपा के शीर्ष नेताओं को अधिकारी के दिल्ली दौरे के बारे में जानकारी नहीं थी। दिलीप घोष ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि शुभेंदु अधिकारी दिल्ली क्यों गए हैं। हमारे केंद्रीय नेता ये कहने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे कि वह वहां क्यों हैं।’ इस बैठक में अधिकारी भी नहीं पहुंचे थे।

एक और बात यहां दिलचस्प है कि कोलकाता में उस बैठक शामिल होने वाले भाजपा के दो सांसद- अर्जुन सिंह और सौमित्र खान भी शाम की फ्लाइट से दिल्ली पहुंच गए। इसके अलावा उत्तर बंगाल के एक सांसद निसिथ प्रमाणिक भी इनके साथ शामिल थे। इन सब ने अधिकारी के साथ दिल्ली में मुलाकात की। 2019 के आम चुनावों से पहले तीनों नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस से किनारा कर लिया था। और इन तीनों ने कहा कि उन्हें अधिकारी ने तुरंत मिलने के लिए कहा था। 

ये घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करते हैं कि अधिकारी ने अपनी स्थिति को मजबूत करने की कोशिश की, जो उन्हें वर्तमान में और औपचारिक रूप से सौंपी गई भूमिका से कहीं अधिक बड़ी है। फिलहाल वो राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने संकेत दिया है कि अधिकारी बंगाल में पार्टी के चेहरे के लिए खुद को एक स्वाभाविक पसंद के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।

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