केशपुर में वोट लूटे नहीं जाते तो भाजपा की जीत होतीः शुभेंदु

मिदनापुर: एक समय तृणमूल के हेवीवेट नेता माने जाने वाले राज्य के मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी तृणमूल से नाता तोड़ने के बाद भाजपा के होकर तृणमूल की जमकर आलोचना करने में लगे हैं। शुभेंदु अधिकारी मौका मिलते ही सभा मंच से तृणमूल पर जुबानी हमला करना शुरू कर देते हैं। गुरुवार को पश्चिम मिदनापुर जिले के केशपुर के आनंदपुर में भी यही देखने को मिला।
पश्चिम मिदनापुर जिले के केशपुर थाना इलाके के आंनदपुर में गुरुवार को भाजपा की ओर से एक जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में शुभेंदु अधिकारी उपस्थित थे। उनके अलावा सभा में घाटाल की भाजपा नेत्री अंतरा भट्टाचार्य, भाजपा के पूर्व जिला सभापति धिमान कोले व भाजपा के अन्य नेतागण के अलावा सभा में प्रायः 10 हजार से अधिक लोग उपस्थित थे। सभा मंच से अपने विचार प्रकट करते हुये भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाते हुये कहा कि केशपुर में लोकसभा चुनाव सही ढंग से नहीं हुये थे। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केशपुर में तृणमूल एक लाख आठ हजार वोटों से जीती है, वहां पर वोट लूटे गये अन्यथा भाजपा प्रार्थी की जीत होती। उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि पंचायत चुनाव के समय भी वीडीओ कार्यालय का घेराव कर किसी विरोधी दल के प्रार्थी को नामांकन नहीं करने दिया गया। इस दिन भी शुभेंदु अधिकारी ने अभिषेक बंधोपाध्याय को निशाना बनाते हुये उनका नाम लिये बिना कहा कि कोयला चोर, बालू चोर, गाय की तस्करी करने वाले भाईपो को साढ़े सत्रह सौ बूथ में से चौदह सौ बूथ में लीड नहीं मिली थी केवल साढ़े तीन सौ बूथ से ही तीन लाख लीड मिली। मालूम हो कि जो आरोप शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा में जाने के बाद गुरुवार को केशपुर की सभा मंच से लगाये हैं यही आरोप वाममोर्चा की ओर से पहले ही लगाया जा चुका है। शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर से आरोप लगाते हुये कहा कि 2018 में झाड़ग्राम और पुरुलिया जिला परिषद में भाजपा जीत गयी थी लेकिन रातो रात पुलिस की मदद से जबरदस्ती तृणमूल की जीत में परिवर्तित कर दिया।

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