मुख्य मंत्री व कानून मंत्री के एफिडेविट पर पुरजोर बहस

सालिसिटर जनरल को इसके दाखिल किए जाने पर एतराज
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक की तरफ से लार्जर बेंच के समक्ष दाखिल किए गए एफिडेविट पर पुरजोर बहस हुई। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे दाखिल किए जाने पर सख्त एतराज जताया। इसके जवाब में एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने कहा कि हाई कोर्ट के कुछ अपने रूल्स होते हैं। एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई को विशेष तरजीह देने पर सवाल उठाया। एक्टिंग चीफ जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस आईपी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की लार्जर बेंच चार हेवीवेट नेताओं की जमानत याचिका पर सुनवायी कर रही है।
इस मामले की सुनवायी के बाबत जानकारी देते हुए एडवोकेट अमृता पांडे ने बताया कि जब एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री और कानून मंत्री के पक्ष में एफिडेविट दाखिल किया तो सालिसिटर जनरल ने कहा कि उनकी बहस पूरी करने के बाद इसे क्यों दाखिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष अपनी बहस पूरी कर ले और जब कोर्ट अपना फैसला आरक्षित कर ले तब वे इसे दाखिल करें। एडवोकेट द्विवेदी ने कहा कि सीबीआई जब चाहे एफिडेविट दाखिल कर दे और हमें चार दिनों का समय भी नहीं दिया जाए यह कौन सा कानून है। बीच में दखल देते हुए एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने कहा कि हाई कोर्ट के कुछ अपने रूल्स हैं और उसमें ऐसी कोई रोक नहीं है। सालिसिटर जनरल अपनी सुविधा के अनुसार इसे बदल नहीं सकते हैं। एडवोकेट द्विवेदी ने कहा कि अगर इस एफिडेविट की अनदेखी की जाती है तो यह न्याय नहीं होगा। बेंच ने एडवोकेट सिंघवी से कहा कि वे अपनी बहस जारी रखे और इस विवादास्पद मुद्दे पर बाद में देखा जाएगा। एडवोकेट सिंघवी ने सीबीआई की अपील पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी आम आदमी ने इस तरह की अपील दायर की होती तो कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया होता। पर सीबीआई को इस मौके पर खास अहमियत दी गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई के ई-मेल और व्हाट्सऐप मैसेज पर अपील दायर हो गई। एडवोकेट सिंघवी ने कहा कि पत्र देकर तो पीआईऐल दायर की जा सकती है पर 407 की नोटिस नहीं दी जा सकती है। इसके अलावा 226 में भी पिटिशन की कापी दिए बगैर अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सीबीआई हमें कानून पढ़ा रही है, यह कुछ ऐसा ही है जैसे तवा मवेशी को कहे कि तू काला है। इसके साथ ही कहा कि 407 के लिए यह साबित करना पड़ेगा कि भारी दखलंदाजी के माहौल में फैसला सुनाया गया था। बहरहाल सुनवायी वृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।

शेयर करें

मुख्य समाचार

उत्तर बंगाल की रणनीति में जुटी तृणमूल, मुकुल के अनुभवों का उठाया जा सकता है लाभ

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के लिए उत्तर बंगाल कमजोर रहा है। इसका मुख्य कारण रहा है वहां के लोगों तक संगठन का नहीं पहुंच आगे पढ़ें »

आज से 18 साल से उपरवाले लोगों को केएमसी देगा नि:शुल्क वैक्सीन

कोलकाता : कई दिनों से राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीन नहीं भेजे जा रहे हैं। इस बीच कोलकाता आगे पढ़ें »

ऊपर