बड़ी खबर : फर्जी वैक्सीनेशन मामले से टीएमसी ने जोड़ा गवर्नर का कनेक्शन, कहा…

कोलकाता : बंगाल चुनाव के कुछ समय पहले और नतीजे सामने आने के बाद तक गवर्नर जगदीप धनखड़ लगातार सुर्खियों में हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी भी राज्यपाल को घेरने का कोई मौका नहीं चूकती है। इस बीच फर्जी टीकाकरण मामले में टीएमसी ने धनखड़ का कनेकश्न जोड़ने की कोशिश की है। सुखेंदु एस रॉय ने कहा है कि अगर सरकार का उस आदमी से कोई संबंध है जिसने लोगों को धोखा दिया है तो यह बुरा है। जगदीप धनखड़ हर मुद्दे पर बात करते हैं। नकली टीकों पर वह चुप क्यों है? उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पर गौर करेगी, क्योंकि रिपोर्ट मांगी गई है। एसआईटी जांच कर रही है, इसे (रिपोर्ट) सामने आने दें।

केंद्र द्वारा फर्जी कोविड-19 टीकाकरण शिविर के आयोजन पर पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब करने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार का इससे कोई सबंध नहीं है और कहा कि कहीं उन शिविरों का आयोजन करने में भाजपा का हाथ तो नहीं। ममता बनर्जी ने आरोप लगया कि पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार कुछ एजेंसियों का इस्तेमाल राई का पहाड़ बनाने के लिए कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से कोलकाता के कुछ इलाकों में कथित तौर पर गैर कानूनी तरीके से कोविड-19 टीकाकरण शिविर आयोजित करने के मामले की जांच कर अगले दो दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी द्वारा मामले पर ध्यान आकर्षित कराए जाने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव कृष्ण द्विवेदी को 29 जून को पत्र लिखकर मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था, ”संदिग्ध टीकाकरण शिविर लगाने का एक मामला है।पश्चिम बंगाल सरकार का उनसे कोई संबंध नहीं है। हमने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की।”

कई लोगों को कोलकाता में संदिग्ध टीकाकरण शिविर आयोजित करने और फर्जी टीके की खुराक देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जिनमें खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी बताने वाला सरगना भी शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उनकी सरकार को भेजे पत्र का हवाला देते हुए बनर्जी ने दावा किया कि इस तरह का पत्र तब नहीं भेजा गया जब गुजरात में भाजपा के कार्यालय में टीके की खुराक दी गई।

उन्होंने कहा,” गुजरात में टीके की खुराक भाजपा के कार्यालय में दी गई। उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कितने पत्र भेजे गए? कितनी जांच की गई? जब राज्य अच्छा कर रहा है तो वे उसमें रोड़े अटका रहे हैं।”

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष का भी पदभार संभाल रही बनर्जी ने कोलकाता फर्जी टीकाकरण शिविर में भाजपा के भी शामिल होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा, ”क्या सबूत हैं कि इसके पीछे भाजपा नहीं है? भाजपा, तृणमूल कांग्रेस (नेताओं)की तस्वीर रखती है।” आपको बता दें कि भाजपा ने फर्जी टीकाकरण शिविर के मुख्य आरोपी देवंजन देब के साथ तृणमूल नेताओं की तस्वीर साझा की थी।

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