एसएससी नियुक्ति घोटाला : जांच को सीबीआई सिट का गठन

कोर्ट करेगी मॉनिटरिंग, नेतृत्व करेंगे संयुक्त निदेशक
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्कूल सर्विस कमिशन (एसएससी) की तरफ से की गई नियुक्तियों में घोटाले की जांच सीबीआई के स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (‌सिट) को सौंप दी गई। हाई कोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। कोर्ट इस जांच की मॉनिटरिंग करेगी और सीबीआई के संयुक्त निदेशक सिट का नेतृत्व करेंगे।
एडवोकेट फिरदौश शमीम ने यह जानकारी दी और एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्या ने इस मामले में पैरवी की। सीबीआई के एडवोकेट बिल्लादल भट्टाचार्या ने एक सीलबंद लिफाफे में सिट के सदस्यों का ब्योरा कोर्ट को दिया। सीबीआई के संयुक्त निदेशक एन बेनुगोपाल ने इस सिट का गठन किया है। जस्टिस गंगोपाध्याय ने अदालत में बताया कि इस सिट में एडिशनल एसपी धर्मवीर सिंह, डीएसपी सत्येंद्र सिंह और इंस्पेक्टर के सी रिशिरियामल, सोमनाथ विश्वास, मलय दास एवं इमरान आशिया को शामिल किया गया है। के सी रिशिरियामल के नाम पर एडवोकेट विकास रंजन भट्टाचार्या ने एतराज जताया तो जस्टिस गंगोपाध्याय ने सीबीआई के एडवोकेट से इस पर गौर करने को कहा। जस्टिस गंगोपाध्याय ने आदेश दिया कि एसएससी की तरफ से की गई सारी नियुक्तियों के घोटाले की जांच सीबीआई की यह सिट करेगी। यहां गौरतलब है कि प्राइमरी के टीचरों के साथ ही माध्यमिक और अपर माध्यमिक टीचरों की नियुक्ति के कई मामले अलग-अलग सीबीआई को जांच के लिए सौंपे गए थे। जस्टिस गंगोपाध्याय ने इन सभी को एकमुस्त सीबीआई की इस सिट के हवाले कर दिया। इसके अलावा सरकारी और सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों में ग्रुप सी और ग्रुप डी पद पर की गई नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी। यह मामला भी अब सिट को सौंप दिया गया। यहां गौरतलब है कि ग्रुप सी में 600 से अधिक और ग्रुप डी में तीन सौ से अधिक अवैध नियुक्तियों का खुलासा हुआ है। इसके अलावा अवैध रूप से 269 प्राइमरी टीचरों की नियुक्ति का मामला भी सिट से जुड़ गया। बहरहाल इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ कि सिट का नेतृत्व कौन करेगा। ‘रंजन’ को लेकर मामले में पार्टी बनाए गए सीबीआई के पूर्व निदेशक एवं तृणमूल सरकार के पूर्व मंत्री उपेन विश्वास की दलील थी कि इस टीम का जांच अधिकारी सीबीआई के संयुक्त निदेशक को बनाया जाए। उन्होंने इस मामले में चारा घोटाले का हवाला देते हुए बताया कि अतिरिक्त निदेशक रहते हुए उन्होंने इस मामले की जांच की थी। सीबीआई के एडवोकेट भट्टाचार्या की दलील थी कि इस तरह तो वे मामले में जांच अफसर की भूमिका निभाने लगेंगे। इससे असुविधा होगी। बहरहाल यह तय हुआ कि संयुक्त निदेशक इस सिट के प्रमुख होंगे और वे जांच की गति व प्रगति का निरीक्षण करते रहेंगे। जरूरत के मुताबिक वे इस दिशा में आदेश भी देंगे।
मंत्री की बेटी ने लौटायी तनख्वाह
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की सरकार में शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री परेश अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी ने शिक्षक के रूप में लिए वेतन का आधा हिस्सा लौटा दिया है। उनके एडवोकेट की तरफ से जस्टिस गंगोपाध्याय को जानकारी दी गई कि उन्होने 7,96,422 रुपए लौटा दिया है। यहां गौरतलब है कि अवैध रूप से नियुक्ति देने का खुलासा होने के बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त किए जाने का आदेश देते हुए वेतन के मद में अब तक मिली रकम को दो किस्तों में वापस लौटाने का आदेश दिया था।

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