बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान रानिया के हजारों हिंदी भाषी लोग

इस विधानसभा क्षेत्र में एक भी सरकरी हिंदी स्कूल नहीं
पेयजल की किल्लत, सड़‌क और ड्रेनेज का हाल भी बेहाल
रामबालक दास
दक्षिण 24 परगना : सोनारपुर उत्तर विधानसभा के अंतर्गत कई इलाकों में विकास की लहर दिन दुनी रात चौगुनी बह रही है। यहां पर करोड़ाें रुपए खर्च कर कई वर्ष पहले कई तरह के विकास कार्य किये गये, मगर राजपुर-सोनारपुर पालिका के 35 नम्बर वार्ड के रानिया में, जहां पर हजारों की तादाद में हिंदी भाषी होने के बावजूद उनके लिए एक भी सरकारी हिंदी स्कूल नहीं होने पर हिंदी भाषियों को काफी दिकक्तें हो रही हैं। वहीं यहां के ‌अ‌धिकांश मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिये ऑटाे और मेट्रो की सवारी कर भवानीपुर, कालीघाट और टालीगंज जाना पड़ता है। अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को बंगला माध्यम के स्कूलों में दाखिला करवा दे रहे हैं। वहीं इलाके में कई जगह सड़क और ड्रेनेज का हाल बेहाल है। बिहार के छपरा और नवादा जिले के काफी लोग रोजी-रोटी की तलाश में यहां आकर बस गये हैं। इस इलाके में 16 हजार के करीब वोटर हैं। यहां पर हिंदी भाषी चुनाव में अहम रोल निभाते हैं। इलाके में केवल एक मात्र बंगला माध्यम का प्राथमिक रानिया अवैतनिक प्राथ‌मिक विद्यालय है, जबकि वहीं करीब दजर्नों अंग्रेजी माध्यम के स्कूल फल-फूल रहे हैं। रानिया में हिंदी स्कूल नहीं होने से बच्चों को हिदी माध्यम से श‌िक्षा के लिए कोलकाता के भवानीपुर और टॉलीगंज आदर्श हिंदी विद्यालय में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है। इस तरह से सरकार के विकास के सारे वादे खोखले नजर आते हैं। सन्मार्ग की टीम ने इलाके में पहुंच कर लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
क्या कहना है इलाके के स्थानीय लोगों का
एमए की छात्रा वर्षा साव ने कहा कि हिंदी माध्यम में पढ़ाई के लिए हमारी छोटी बहनों को काफी कष्ट कर मेट्रो से भवानीपुर व टालीगंज जाना पड़ता है। राजेन्द्र प्रसाद साव ने बताया कि हिंदी स्कूल के निर्माण के ‌लिए प्रशासन से बोलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा ड्रेनेज का हाल भी बेहाल है। गायत्री साव ने कहा कि इलाके की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से श‌िकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। सुनील हाल्दार ने बताया कि हिंदी स्कूल के साथ ही ड्रेनेज का हाल बदतर है। संगीता‌ सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पेय जल की भी समस्या है। शश‌ि झा ने कहा कि इलाके के विकास को लेकर कोई सोचने वाला नहीं है।
हिन्दी भाष‌ी इलाकों पर एक नजर
इलाके के 2 नम्बर रामकृष्‍ण सरणी,‌ विवेकान्द सरणी, हनुमान मंदिर और अन्य कई सारे इलाके हैं।
क्या कहना है स्थानीय विधायक का
सोनारपुर उत्तर की विधायक फिरदोशी बेगम ने कहा कि इलाके में हिंदी स्कूल व ड्रेनेज की समस्या माकपा के शासन काल से ही है। उन्होंने कहा कि जमीन नहीं मिलने से समस्या दूर नहीं हो पायी है। आने वाले दिनों में समस्या दूर ‌की जाएगी।

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