फिर बढ़ सकता है सरसों तेल का दाम

कोलकाताः सरसों के तेल सहित खाद्य तेलों की कीमतें आम लोगों की पहुंच से दूर होती नजर आ रही हैं। हालांकि तेल की कीमतें क्यूं बढ़ रही है, इस पर आम लोग ‌अब तक कुछ समझ नहीं पा रहे हैं। देखा जा रहा है कि प्रायः सभी कंपनियों के तेल के भाव में हाल के समय में तेजी आई है। सरसों का तेल फुटकर में 190 से 198 रुपये लीटर तक बिक रहा है। हाल के द‍िनों में सरसों तेल की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई है। इस बारे में आदित्व वी.अग्रवाल, व मनीष गोयनका, निदेशक, ईमामी समूह ने कहा कि दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृ‌द्धि है। ऐसे में इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ता है। खाद्य तेल की कीमतों पर कस्टम ड्यूटी को सरकार ने घटाया भी, हालांकि अंतरर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों को इसका फायदा नहीं मिल सका है। लेकिन बीच-बीच में इसमें कुछ कमी आई है। हम यह कह सकते हैं कि खाद्य तेल की कीमतों में ऐतिहासिक वृ‌द्धि है।
अगली फसल के आने से सरसों तेल की कीमत में कुछ आ सकती है कमी
खाद्य तेलों की बढ़ी हुई कीमतों से देखा जा रहा है कि आम लोगों की रसोई का बजट डगमगा सा गया है। सरसों तेल, रिफाइंड व पाम आयल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं। कई बार कीमतों में कुछ कमी आई थी, लेकिन सरसों का तेल ऐतिहासिक स्तर पर है। सीईओ ईमामी एग्रोटेक के सुधाकर देशाई ने कहा कि अगली यानी कि नई फसल के आने के बाद ही अब सरसो तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। कई बार मांग व आपूर्ति में कमी के कारण भी माना जाता है कि कीमत बढ़ रही है। भारत 23 मिलियन टन खाद्य तेल का उपभोक्ता है। इसमें 8-10 मिलियन टन आंतरिक उत्पादन है। इसके अलावा 15 मिलियन टन भारत खाद्य तेल का आयात करता है।

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