विश्व भारती विश्वविद्यालय में अब तक 22 स्टाफ हुए सस्पेंड

कोलकाता : गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के ऐतिहासिक विश्वविद्यालय विश्व भारती विश्वविद्यालय में बबाल मचा हुआ है। दो साल में 22 स्टाफ को निलंबित करने का मामला सामने आया है। दूसरी ओर, प्रबंधन द्वारा कथित अनुशासनहीनता के आरोप में तीन छात्रों के निलंबन पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंतरिम स्थगन लगा दिया है। न्यायमूर्ति राजशेखर महंथा ने इस बाबत बुधवार को निर्देश दिया था। उसके बाद से गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति सामान्य होती दिख रही है। हालांकि अभी भी इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
नवंबर से अब तक 22 स्टॉफ को किया गया है संस्पेंड
कुछ दिनों पहले विश्व-भारती विश्वविद्यालय ने तीन छात्रों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद छात्र प्रदर्शन करने लगे। अक्टूबर 2018 में कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के कार्यभार संभालने के बाद से शिक्षकों और छात्रों दोनों द्वारा लगातार विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। तब से लेकर अबतक कई प्रोफेसर और स्टाफ निलंबित हो चुके हैं। नवंबर 2019 से अबतक 22 स्टाफ को संस्पेंड किया जा चुका है, जिसमें 11 टीचर तो 11 नॉन टीचिंग स्टाफ हैं। इसके साथ ही 150 से अधिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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