लॉकडाउन समाप्ति के बाद सोना तस्करी का मुख्य केन्द्र बनता जा रहा है सिलीगुड़ी

6 महीने में 50 करोड़ की कीमत का 115 किलो सोना पकड़ा डीआरआई ने
सिलीगुड़ी आने के बाद भी कई राज्यों से होकर भेजा जा रहा है गंतव्यों तक सोना
हाल की तस्करी की एक घटना में हुआ बड़ा खुलासा
कोलकाता : लॉकडाउन के बाद सिलीगुड़ी सोना तस्करी का एक मुख्य केन्द्र बनता जा रहा है। पहले पेट्रापोल तो कभी उत्तर 24 परगना आदि के इलाके टॉप नम्बर पर हुआ करते थे लेकिन अब नार्थ बंगाल अंतर्गत सिलीगुड़ी सबको पीछे छोड़ते हुए नम्बर वन पोजिशन पर पहुंच गया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों की मानें तो पिछले कुछ महीनों में म्यांमार से सोने की तस्करी सिलीगुड़ी इलाके से की जा रही है। इसके लिए तस्करों द्वारा नये तरकीब व इतनी अधिक सावधानी बरती जा रही है कि किसी को भनक भी न लग सके। यही कारण है कि तस्करी की इन घटनाओं के पर्दाफाश होने पर अधिकारियों को भी ताज्जुब हो रहा है कि अब तस्करी इस लेवल पर पहुंच गयी है। डीआरआई द्वारा दर्ज किये गये हाल के एक मामले में यह खुलासा हुआ है कि जब 25 किलो सोना मनीपुर से दिल्ली भेजना था तब कुल 5 राज्यों से होकर इसे भेजने की योजना बनायी गयी​ थी। हालांकि इस मामले में 2 अभियुक्तों को डीआरआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया और इस रैकेट का भंडाफोड़ हो गया।
यह था मामला, इसलिए इस रूट से बढ़ी तस्करी
सिलीगुड़ी डीआरआई में गुप्त सूचना मिली थी कि बर्दमान रोड स्थित रिलायंस सेंटर के सामने कूचबिहार से सिलीगुड़ी आ रही बस से दो सोना तस्कर बस की सीट संख्या 9 और 10 पर बैठे हुए हैं। तस्करों के पास से 25 किलो सोने के बिस्कुट जब्त किये गये। गिरफ्तार किए गए तस्कर मुंबई महाराष्ट्र के निवासी थे। दोनों के पास से 150 पीस सोने के बिस्कुट पाए गए। इन सोने के बिस्कुटों की कीमत 12 करोड़ बतायी गयी है। डीआरआई की टीम ने जब इन दोनों से पूछताछ की तो दोनों ने बड़े खुलासे किये। बांग्‍लादेश और म्‍यांमार से देश की सीमा खुली हुई है। इधर से सोना भारी मात्रा में तस्‍करी किया जा रहा है। एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर हाई सिक्‍योरिटी के चलते इन रास्‍तों से सोने की तस्‍करी ज्‍यादा बढ़ गई है।
लॉकडाउन के बाद फिर शुरु हुई तस्करी का यह है रूट
सूत्रों के मुताबिक म्यांमार से आ रहे सोने के बिस्कुटों को पहले गुवाहाटी लाया जा रहा है। इसके बाद इसे बस के जरिये कूच​बिहार होते हुए सिलीगुड़ी लाया गया। यहां से इसे बिहार होते हुए यूपी के मुजफ्फरनगर होते हुए दिल्ली ले जाने की योजना थी। इस बारे में इन तस्करों ने बताया उसके अलावा कई और अभियुक्त इस धंधे में हैं। खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए अब ज्यादातर सड़क रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है। इन 25 किलो सोने के बिस्कुटों का अंतिम डेस्टिनेशन दिल्ली था लेकिन इससे पहले ही डीआरआई की टीम ने इन्हें धड़ दबोचा।
लॉकडाउन के बाद के कुछ खास मामले
20 नवंबर : ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा था सोना, दिल्‍ली में पकड़ा गया था लेकिन लिंक था नार्थ बंगाल से जुड़ा हुआ। राजधानी दिल्‍ली में डीआरआई ने सोने की एक बड़ी खेप पकड़ते हुए तस्‍करी कर रहे 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। जब्‍त किए गए सोने का वजन 66.4 किलो था और इसकी कीमत करीब 35 करोड़ रुपए बतायी गयी थी। डीआरआई के अधिकारियों ने बताया कि यह सोना भारत-म्‍यांमार सीमा से तस्‍करी कर लाया गया था और ट्रक के फ्यूल टैंक में छिपाकर पंजाब ले जाने की योजना थी।
02 अक्टूबर : 33 किलो डीआरआई ने जब्त किया। इस दौरान ट्रक के ड्राइवर तथा खलासी को गिरफ्तार किया गया। ये असम से सिलीगुड़ी होते हुए राजस्थान जाने की​ फिराक में थे। डीआरआइ अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों ने स्वीकार किया है कि सोना मणिपुर सीमा के रास्ते म्यांमार से लाया जा रहा था और इसे राजस्थान के श्रीगंगानगर में पहुंचाना था।
इससे पूर्व की 2 से 3 घटनाओं में 5-5 किलो साेना पकड़ा जा चुका है। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इसे अब खुलेयाम लाने व ले जाने लगे हैं। अधिकतर मामलों में देखा गया है ​कि वे अपने कपड़ों में इसे छिपाकर ला रहे हैं और यहां से दूसरे स्थानों पर ले जा रहे हैं। तस्करी की इन बड़ी घटनाओं को देखते हुए अब सतर्कता भी बढ़ा दी गयी है।

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