कोरोना के दूसरे वेब ने बदला चुनाव प्रचार का ट्रेंड

बंद की गयीं रैलियां, टेली प्रचार पर दिया जा रहा जोर
उम्मीदवार कह रहे घर पर रहिए, हमारी आवाज आप तक पहुंच जाएगी
देर आये दुरुस्त आये
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इस वक्त पूरे देश में कोरोना का दूसरा वेब लोगों का जीना मुहाल किये हुए है। कोरोना का वायरस उन तक न पहुंच सके इसके लिए कुछ राज्यों को लॉक तक कर दिया गया है। लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी गयी हैं। इस स्थिति से बंगाल का मिजाज भी पहले जैसा नहीं है। कोरोना के पैर पसारने के बीच यहां चल रहा सत्ता का महासंग्राम वायरस को माने चलकर रास्ता दिखा रहा है। वायरस हावी न हो इसलिए उम्मीदवारों ने भी अपने चुनाव प्रचार का ट्रेंड बदल दिया है। या कह सकते हैं कोरोना ने जहां लोगों की जिंदगी बदल दी वहीं चुनाव प्रचार करने का ट्रेंड भी बदल दिया है।
घर-घर नहीं दूर से ही किया जा रहा सलाम-नमस्ते
श्यामपुकुर की तृणमूल उम्मीदवार डॉ. शशि पांजा उन प्रार्थियों में से हैं जो सबसे ज्यादा डोर टू डोर कैंपेन करती आयी हैं। अभी कोरोना है इसलिए वे घर पर न जाकर दूर से ही लोगों से वोट अपील कर रही हैं। डॉ. पांजा बताती हैं कि इसमें भी वह वार्ड के स्थानीय 8-10 कर्मियों के साथ इलाके में जा रही हैं। ध्यान रखा जा रहा है कि भीड़ न हो। नियमों को मानते हुए पदयात्रा कर रही हैं जिसमें 50 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जा रही है।
अब बड़ी रैली नहीं
भवानीपुर सीट के तृणमूल उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह अब बड़ी रैली नहीं करेंगे। लोगों से वोट अपील के लिए दूर से ही प्रचार करेंगे जिसमें भीड़ नहीं होगी। इंटाली के तृणमूल प्रार्थी स्वर्णकमल साहा ने भी रैली पूरी तरह बंद कर दी है। इस बारे में संदीपन साहा ने बताया कि कोरोना से बचना ज्यादा जरूरी है। जनता जानती है उसे किसे वोट देना है इसलिए बेवजह भीड़ बढ़ाकर प्रचार करने का कोई फायदा नहीं है।
टेली प्रचार पर अधिक जोर
समय कोरोना का है इसलिए ज्यादातर उम्मीदवार टेली प्रचार पर जोर दे रहे हैं। यह सभी राजनी​​तिक पार्टियां कर रही हैं। इसमें आपके मोबाइल पर एक फोन आयेगा और उम्मीदवार खुद आपको अपना परिचय देते हुए वोट अपील करता है। कोरोना से बचने के लिए इस बार इसे बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है।
लोगों को घर से ही सुनने की अपील
संदीपन साहा ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए स्ट्रीट कॉर्नर आयोजित किया जा रहा है लेकिन इसमें सिर्फ इलाके के कर्मी मौजूद रह रहे हैं। व्यवस्था ऐसी की जा रही है कि एक डिस्टेंस तक माइक लगा रहे हैं ताकि लोग घर से ही हमारी बातें सुन सकें। लोगों से सभी अपील भी कर रहे हैं कि चुनाव प्रचार ही क्यों न हो बेवजह बाहर भीड़ न जमा करें। बराबर मास्क पहनें और सावधानी बरतें ताकि कोरोना का कहर न बरपे।
उम्मीदवारों ने प्रचार तालिका की छोटी
* रैली लगभग बंद
* स्ट्रीट कॉर्नर 8 की जगह 2 किए गए
* डोर टू डोर पूरी तरह बंद
* पदयात्रा में 50 से कम लोगों की संख्या
* सिर्फ इलाके के लड़कों को रहने की छूट, बाहरी भीड़ नहीं

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