बारिश से सहमे मूर्तिकार, रात को भी ब्लोअर चलाकर सुखा रहे हैं मूर्तियों को

बारिश डाल रही है खलल
इस बार मूर्तियों के ऑर्डर हैं अधिक
मधु सिंह
कोलकाता : पश्चिम बंगाल का सर्वाधिक लोकप्रिय दुर्गोत्सव में अब केवल 11 दिनों समय ही शेष रह गया है। ऐसे में जहां मां दुर्गा समेत अन्य प्रतिमाएं बनायी जाती हैं, उस कुम्हारटोली में हलचल काफी बढ़ गयी है। दिन – रात यहां मूर्तिकार काम कर रहे हैं ताकि अपनी मूर्तियों का ऑर्डर समय पर पूरा कर सकें। हालांकि इसमें बारिश लगातार खलल डाल रही है। अभी एक सप्ताह पहले ही हुई बारिश के कारण हुआ जलजमाव अभी उतरा भी नहीं था कि फिर एक बार निम्न दबाव के कारण हुई बारिश ने मूर्तिकारों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
कुम्हारटोली को जरूरत है पुनरुद्धार की
मूर्तिकार इंद्रजीत पॉल समेत अन्य मूर्तिकारों का कहना है कि कुम्हारटोली को पुनरुद्धार की आवश्यकता है। इंद्रजीत पॉल ने कहा, ‘बारिश में काफी समस्या हो रही है। कुम्हारटोली लगभग 100 साल पुराना है, लेकिन अब तक यहां मरम्मत का कोई काम नहीं हुआ, इसे पुनरुद्धार की आवश्यकता है। टीन से हवा और बारिश के बीच कहीं मूर्ति की उंगली गल जा रही है तो कभी कुछ हो रहा है। सूरज का चेहरा नहीं दिख रहा और बारिश के बीच काम करना काफी मुश्किल भरा हो गया है। लगातार बारिश के कारण हमारी स्थिति काफी खराब है। सुखाने के लिए ब्लोअर, पंखा, आग सभी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है।’ इसी तरह कुम्हारटोली मृत शिल्पी समिति के सचिव कार्तिक पॉल ने कहा, ‘बारिश पहले भी हुई थी और इस कारण कुछ दिक्कत तो हो रही है। जो मूर्तियां अंदर स्टूडियों में आ गयी हैं, उनके लिए तो ठीक है, लेकिन कुछ मूर्तियां जो बाहर हैं, उन्हें सुखाने में काफी मुश्किलें हो रही हैं।’
आग, पंखे, ब्लोअर का किया जा रहा है इस्तेमाल
मूर्तिकार मिंटू पॉल ने बताया, ‘मूर्तियों को सुखाने के लिए बड़े स्टैंड फैन, आग, ब्लोअर का इस्तेमाल किया जा रहा है। सूखा मौसम नहीं होने के कारण मूर्ति में रंग नहीं चढ़ा पा रहे हैं और रंग करते भी हैं तो शाइनिंग नहीं आयेगी। ऐसे में मूर्ति पंडाल में जाएगी तो मिट्टी गिली रहने के कारण टूटने का डर रहता है। बारिश में मूर्ति गल जाती है, कारीगर दिन – रात एक कर काम कर रहे हैं। अभी मिट्टी का काम चल रहा है, रंग भी चढ़ गया है कुछ मूर्तियों में। इस तरह बारिश जारी रही तो तकलीफ काफी बढ़ेगी।’
पिछली बार की तुलना में इस बार ऑर्डर अच्छा
इस बार कुम्हारटोली में मूर्तियों के ऑर्डर अच्छे आ रहे हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी कोरोना काल है, लेकिन इस बार मूर्तियों की बिक्री गत वर्ष की तुलना में अच्छी हो रही है। सोला की मूर्तियां बनाने वाले दीपक ने कहा, ‘इस बार मूर्तियों का ऑर्डर 50% अधिक है। हमारी मूर्तियां राज्य के बाहर भी जाती हैं, दूसरे राज्यों में भी इस बार मांग बेहतर है।’ इसी तरह अन्य मूर्तिकारों ने भी कहा कि इस बार ऑर्डर गत वर्ष की तुलना में बेहतर है। 8 से 11 फीट तक की हाइट वाली मूर्तियों की मांग इस बार है। डेढ़ महीने पहले से मूर्तियों के ऑर्डर अधिक आना शुरू हुए और मौसम भी खलल डाल रहा है जिस कारण समय पर काम पूरा करना इस वक्त सबसे बड़ा चैलेंज है।

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