स्कूल फीस की वसूली पिछले साल के आदेश के आधार पर ही

हाई कोर्ट ने की थी ट्यूशन फीस में 20 फीसदी की कटौती, बाकी कोई भुगतान नहीं
बकाया स्कूल फीस के 75 फीसदी का भुगतान 30 सितंबर तक करना पड़ेगा
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बकाया स्कूल फीस के 75 फीसदी का भुगतान तीस सितंबर तक करना पड़ेगा। बकाये का आकलन पिछले साल के 13 अक्टूबर के जस्टिस संजीव बनर्जी के डिविजन बेंच के आदेश के आधार पर ही किया जाएगा। इसमें कहा गया था कि स्कूल ट्यूशन फीस का 80 फीसदी ही ले सकते हैं। इसके अलावा जो सेवाएं नहीं दी गई हैं उनकी फीस नहीं ली जाएगी। जस्टिस आई पी मुखर्जी और जस्टिस मौसमी भट्टाचार्या के डिविजन बेंच ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवायी के बाद यह आदेश दिया।
एडवोकेट प्रियंका अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जस्टिस मुखर्जी के डिविजन बेंच के छह अगस्त के आदेश के मद्देनजर जो भुगतान किया गया है उस रकम की इसमें से कटौती कर दी जाएगी। स्कूल और अन्य शैक्षिक संस्थान सिर्फ उसी बकाये का दावा कर सकते हैं जिनमें फीस का आकलन 2020 के 13 अक्टूबर के डिविजन बेंच के आदेश के मद्देनजर किया गया है। इस आदेश में कहा गया था कि उस समय जो फीस ली जा रही थी उसका 80 फीसदी ही लेना है। एडवोकेट प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि आदेश में कहा गया है कि अगर किसी स्कूल या शै‌िक्षक संस्थान ने 13 अक्टूबर के आदेश के विपरीत बिल बनाया है तो उसे इस आदेश के अनुसार नये सिरे से 2020 के मार्च से मौजूदा अगस्त तक के लिए 17 सितंबर तक नया बिल बना कर भेजना पड़ेगा। अभिभावकों को इसका 50 फीसदी 30 सितंबर तक और बाकी 25 फीसदी का भुगतान दो सप्ताह के अंदर करना पड़ेगा। एसेंबली ऑफ गॉड चर्च स्कूल की तरफ से पैरवी कर रही एडवोकेट अमृता पांडे ने कहा कि डिविजन बेंच ने आदेश दिया है कि अब बकाये को लेकर प्रत्येक स्कूल की सुनवायी अलग-अलग की जाएगी। प्रत्येक स्कूल बकाया फीस को लेकर एफिडेविट दाखिल करेगा। अभिभावक भी जवाबी एफिडेविट दाखिल कर सकते हैं। डिविजन बेंच ने कहा है कि यह आरोप भी लगा है कि कुछ स्कूल बकाये को बढ़ाने के लिए उन फीस को भी जोड़ दे रहे हैं जो सेवा उन्होंने नहीं दी थी। इधर स्कूलों का आरोप है कि कुछ अभिभावक पिछले आदेश का आड़ लेते हुए भुगतान नहीं कर रहे हैं। डिविजन बेंच ने कहा है कि प्रत्येक अभिभावक की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चे के स्कूल फीस का भुगतान करें। इसकी अगली सुनवायी एक अक्टूबर को होगी।

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