रथ पूजा : ना भक्तों का हुजूम, ना परम्पंरागत उल्लास

कोरोना के कारण सादगी से मनाया गया रथ पूजा का उत्सव
महेश में मंदिर परिसर में ही पूजे गये जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
काेलकाता/हुगली : बंगाल में ऐतिहासिक रथ पूजा तो मनायी गयी लेकिन कोरोना के कारण इस साल न तो भक्तों का हुजूम उमड़ा न ही परंपरागत उल्लास देखा गया। राज्य में सबसे पुराना महेश के रथ का चक्का इस बार नहीं चला। यहां मंदिर परिसर में ही चबूतरा बनाकर पूजा की व्यवस्था की गयी जहां भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को विराजमान कर उनकी पूजा-अर्चना की गयी। इस खास मौके पर स्थानीय सांसद कल्याण बनर्जी, मंत्री बेचाराम मन्ना समेत बाकी लोगों ने जगन्नाथ की परंपरागत तरीके से पूजा की। रथ पूजा के विशेष मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर शुभकामनाएं दी। ममता ने ट्वीट किया ‘रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर मैं सभी को शुभकामना देती हूं। भगवान जगन्नाथ से मैं अपने सभी भाई बहनों की सुरक्षा और स्वस्थ्य रहने की कामना करती हूं। जय जगन्नाथ।’
इस्कॉन में सीएम ने भिजवाया भोग
इधर कोलकाता में इस्कॉन में उनके परिसर में ही रथ पूजा आयोजित की गयी। यहां भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा पहली बार रथ की बजाय गाड़ी पर सवार होकर इस्कॉन परिसर तक ले जाये गये। इस साल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस्कॉन की रथ पूजा में शामिल नहीं हुई लेकिन पारंपरिक तौर पर उन्होंने समस्त भोग वहां भिजवाया। उधर मायापुर के इस्कॉन मंदिर की ओर से भी शांत तरीके से मनाया गया। यहां प्रांगण में एक अस्थायी गुंडिचा मंदिर स्थापित किया गया है, जहां जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा को स्थापित किया गया है। यहां वे नौ दिनों तक रहेंगे।

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